Bunty Yadav Patna: गिरफ्तारी के दौरान कुख्यात रवीश ने पुलिस बल पर फायरिंग की, जिसकी एक गोली पुलिस की गाड़ी के बोनट पर लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे घायल कर दिया।
- हाइलाइट: Bunty Yadav Patna
- इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया
पटना। चर्चित बंटी यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी रवीश उर्फ बसिया आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में है। गुरुवार तड़के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र के बांस घाट के समीप हुई एक मुठभेड़ में रवीश के दाहिने पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान कुख्यात रवीश ने पुलिस बल पर फायरिंग की, जिसकी एक गोली पुलिस की गाड़ी के बोनट पर लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे घायल कर दिया।
इस घटना ने बंटी यादव हत्याकांड की परतें फिर से खोल दी हैं। न्यू करबिगहिया निवासी बंटी का पटना जंक्शन के पास स्थित दूध मंडी से सरेआम अपहरण कर लिया गया था, जिसके बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने न केवल आम जनता को झकझोर दिया, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए थे।
Bunty Yadav Patna: कोतवाली और जक्कनपुर थानों के बीच चक्कर काटते रहे परिजन
परिजनों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण ही बंटी को अपनी जान गंवानी पड़ी। घटना के समय बंटी के परिवार वाले कोतवाली और जक्कनपुर थानों के बीच चक्कर काटते रहे, लेकिन पुलिस ने क्षेत्र अधिकार का बहाना बनाकर टालमटोल की, जिससे कार्रवाई में बहुमूल्य समय बर्बाद हुआ। इसी घोर लापरवाही के चलते सिटी एसपी (मध्य) ममता कल्याणी ने पटना जंक्शन टीओपी पर तैनात चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है और कोतवाली थानाध्यक्ष से भी स्पष्टीकरण मांगा है।
सेक्स रैकेट का बंटी पुरजोर विरोध करता था
इस पूरे प्रकरण में पुलिस और परिजनों के दावों में विरोधाभास देखने को मिल रहा है। आरोपितों की गिरफ़्तारी के बाद जहां पुलिस का दावा है कि बंटी शराब के अवैध कारोबार से जुड़ा था और रवीश व मोनी के साथ हिस्सेदारी को लेकर हुए विवाद के चलते उसकी हत्या की गई, वहीं बंटी की मां किरण देवी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका स्पष्ट कहना है कि बंटी कभी किसी गलत धंधे में शामिल नहीं था। परिजनों का आरोप है कि इलाके में चल रहे सेक्स रैकेट का बंटी पुरजोर विरोध करता था, जिसके चलते उसकी हत्या की साजिश रची गई। पीड़ित परिवार का यह भी दावा है कि पुलिस मामले को नया मोड़ देकर अन्य आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
क्या बंटी के परिजनों को न्याय मिलेगा?
बंटी हत्याकांड की यह घटना पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। एक तरफ जहां मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इसे अपनी बड़ी सफलता के रूप में पेश किया है, वहीं दूसरी ओर परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और पुलिस की शुरुआती लचर व्यवस्था ने कई सवालों को जन्म दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या बंटी के परिजनों को न्याय मिलेगा?

