Sobhi Tola Road Blockade: जब आरा-बक्सर NH-84 सोभी टोला के समीप ग्रामीणों ने मुआवजे और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
- हाइलाइट: Sobhi Tola Road Blockade
- रुद्रनगर हादसे के बाद सड़क जाम में पूर्व विधायक और एसडीएम आमने-सामने
- जगदीशपुर एसडीएम और पूर्व विधायक के बीच तीखी बहस का वीडियो वायरल
आरा। जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। रुद्रनगर गांव के समीप छेर नदी पर निर्माणाधीन पुल के डायवर्सन पर पानी के तेज बहाव में बाइक सवार तीन युवकों के बह जाने की घटना में दो लोगों की जान चली गई, जबकि एक युवक किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा। इस दुखद घटना के बाद उपजा आक्रोश बुधवार को उस समय चरम पर पहुंच गया, जब आरा-बक्सर NH-84 सोभी टोला के समीप ग्रामीणों ने मुआवजे और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
Sobhi Tola Road Blockade : पूर्व विधायक और एसडीएम के बीच तीखी तकरार
इस प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे जगदीशपुर एसडीएम ओमप्रकाश लाल और शाहपुर के पूर्व विधायक राहुल तिवारी के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में पूर्व विधायक और एसडीएम के बीच तीखी तकरार साफ देखी जा सकती है, जो प्रशासनिक जवाबदेही और संवेदनाओं पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।
घटना के अनुसार, मंगलवार को रुद्रनगर के समीप छेर नदी के निर्माणाधीन पुल के डायवर्सन से गुजरते समय ये युवक हादसे का शिकार हुए थे। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। जब एसडीएम पहुंचे, तो पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने उन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूछा कि हादसे के बाद घटनास्थल पर क्यों नहीं पहुंचे? बैरिकेडिंग क्यों नहीं की गई थी?
वायरल वीडियो में पूर्व विधायक एसडीएम से कर्तव्य और दायित्व को लेकर सवाल करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब एसडीएम ने अपनी अनुपस्थिति का कारण डीएम के कार्यक्रम में व्यस्त होना बताया। इस जवाब से नाराज पूर्व विधायक ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और प्रशासनिक तंत्र की संवेदनशीलता पर कटाक्ष किया। पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
पूर्व विधायक का आरोप था कि घटनास्थल पर समय रहते बैरिकेटिंग नहीं कराई गई और न ही डायवर्शन का बोर्ड लगाया गया। उनका कहना था कि समस्या तीन महीने से चल रही थी, फिर भी संबंधित अधिकारियों ने पहले से आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था – जैसे बांस से बैरिकेटिंग नहीं कराई। यही नहीं, जब एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया, तो उसके लिए ईंधन जैसी मूलभूत व्यवस्था तक नहीं हो सकी। एम्बुलेंस की मांग को लेकर भी तीखे सवाल उठाए गए। शव को निजी खर्चे पर टेम्पो में लाद कर ले जाया गया। आधा शव बाहर निकला हुआ था।
जगदीशपुर एसडीएम और पूर्व विधायक आमने-सामने
वायरल वीडियो में पूर्व विधायक राहुल तिवारी एसडीएम से कहते सुनाई दे रहे हैं “फालतू की बात मत कीजिए। अपने कर्तव्य और दायित्व को समझिए। आपके बेटे मर जाएंगे तो आप क्या कीजिएगा?” इस पर एसडीएम ओमप्रकाश लाल अपनी ओर से सफाई देते हुए कहते हैं कि “हम डीएम के कार्यक्रम में थे।” एसडीएम की इस बात पर पूर्व विधायक और आक्रोशित हो जाते हैं। वायरल वीडियो में उन्हें कहते सुना जा रहा है.. “जाकर तलवा चाटिए… तब काहे आए हैं यहां?”
बातचीत के दौरान पूर्व विधायक ने कहा, “आप कौन है , किसलिए आए हैं? बैरिकेडिंग क्यों नहीं हुआ था?” इस पर एसडीएम की ओर से जवाब आया कि हम अब आये है, तो पूर्व विधायक बोले कितने दिन से आये, तो एसडीएम बोले तीन दिन से आये है। पूर्व विधायक बोले बिहिया रहते कल घटनास्थल पर क्यो नही आये? एसडीएम हम डीएम सर के कार्यक्रम में थे।
पूर्व विधायक बोले जरूरी क्या था? घटना स्थल से होकर जाते तो डीएम साहब आपकी नौकरी खा जाते? नहीं न, डीएम साहब भी आपका मान करते। अब किसलिए आए हैं? सड़क जाम आपकी गलती की वजह से हुआ है। तब आप आये है।
एसडीएम के बोलने पर पूर्व विधायक बोले फालतू का बकवास मत कीजिए। डीएम साहब से बात कराइए नहीं तो आप जाइए, आप पर तो FIR होना चाहिए। इस बहस के दौरान मौजूद भीड़ के बीच एसडीएम और पूर्व विधायक के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हलाकी, खबरे आपकी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।

