Dr. Amritanshu: आरा के महाराजा कॉलेज में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर की उपलब्धि पर परिवार और शुभचिंतकों में खुशी; घर में मिठाइयां बांटकर मनाया गया जश्न
- हाइलाइट्स:
- वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के इतिहास विभाग का रिजल्ट हुआ प्रकाशित।
आरा। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के इतिहास विभाग का रिजल्ट प्रकाशित होने के बाद महाराजा कॉलेज में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अमृतांशु के प्रोफेसर बनने की राह प्रशस्त हो गई है। उनकी इस उपलब्धि की खबर मिलते ही परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई। लंबे इंतजार के बाद मिली इस सफलता से परिवार में उत्सव का माहौल है। परिजनों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया।
Dr. Amritanshu: महाराजा कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर
पत्रकार पुष्कर पांडेय के छोटे भाई डॉ. अमृतांशु, सेवानिवृत्त प्रोफेसर स्वर्गीय श्रीनिवास पांडेय के छोटे पुत्र हैं। उनकी सफलता को परिवार के लिए गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है। मूल रूप से रोहतास जिले के मोरौना गांव के निवासी डॉ. अमृतांशु वर्तमान में आरा शहर स्थित ज्वाला फ्लैट में रहते हैं।
सही मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास सफलता का आधार: डॉ. अमृतांशु
अपनी सफलता पर डॉ. अमृतांशु ने कहा कि कठिन परिश्रम, सही मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास के बल पर जीवन में किसी भी बेहतर मुकाम को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश है।
इस खुशी के अवसर पर परिवार की अगली पीढ़ी भी उत्साहित नजर आई। उनकी भतीजियां आर्या और आर्यिका प्रिया, भतीजे अभिषेक भार्गव और सन्नी भार्गव ने खुशी-खुशी मिठाइयां खिलाईं। उनकी बहन डॉ. किरणमयी, जो जगजीवन कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं, भी इस खुशी में शामिल रहीं।
परिचितों, शुभचिंतकों और शिक्षाविदों ने दी बधाई
डॉ. अमृतांशु की उपलब्धि पर उनके परिचितों, शुभचिंतकों और परिवार के सदस्यों की ओर से बधाइयों का सिलसिला जारी है। बड़े भाई शैलेन्द्र सिंह, टार्जन पांडेय, दुदुन पांडेय, दिवाकर पांडेय, पत्रकार कृष्ण कुमार, दीपक सिंह, सोनू सिंह, विशाल सिंह, राजा सिंह, रोहित सिंह, मोहित सिंह, पंकज सुधांशु, मुकेश कुमार, सरपंच अरुण पाठक, विजय मिश्रा और ओमकार मिश्रा समेत कई लोगों ने उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।







