justice for Bharat Tiwari: प्रदर्शन के दौरान मंच पर भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी, बहन रूबी देवी और छोटे भाई चंदन तिवारी उपस्थित रहे, जिन्होंने सरकार से अपने परिजन के लिए इंसाफ की गुहार लगाई।
- हाइलाइट: justice for Bharat Tiwari
- भरत भूषण तिवारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग तेज
दिल्ली। जंतर-मंतर पर शुक्रवार को एक बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला, जिसका मुख्य उद्देश्य बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड अंतर्गत बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के संदिग्ध मुठभेड़ मामले में न्याय सुनिश्चित करना था। दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक चले इस शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन में बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग सम्मिलित हुए, जिन्होंने घटना के दोषी पुलिस अधिकारियों और STF के जवानों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान मंच पर भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी, बहन रूबी देवी और छोटे भाई चंदन तिवारी उपस्थित रहे, जिन्होंने सरकार से अपने परिजन के लिए इंसाफ की गुहार लगाई। इस आयोजन में करणी सेना, काली सेना, हिंदू महासभा, परशुराम सेना और राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा जैसे अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।
justice for Bharat Tiwari: भरत भूषण तिवारी का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा: यामिनी मिश्रा
स्वामी आनंद स्वरूप ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि यह मुठभेड़ संदिग्ध है और इसे हत्या के रूप में देखा जा रहा है, तो इसमें लिप्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ अविलंब कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के पूर्व राष्ट्रीय छात्र अध्यक्ष यामिनी रंजन मिश्रा, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का संदेश लेकर जंतर-मंतर पहुंचे। चिराग पासवान के करीबी माने जाने वाले यामिनी रंजन ने स्पष्ट किया कि उनके नेता इस मामले में न्याय दिलाने के लिए पूर्णतः कृत संकल्पित हैं। उन्होंने बताया कि चिराग पासवान ने इस विषय पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी चर्चा की है और वे लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वस्त करते हुए कहा कि भरत भूषण तिवारी का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, क्योंकि उन्होंने दलित-महादलित समाज के उत्थान और कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किया था।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करने वाले अन्य प्रमुख वक्ताओं में सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, पूर्व विधायक संजय तिवारी (मुन्ना तिवारी), नागेश सम्राट, दक्ष चौधरी, दीपक पंडित, हरियाणा के कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स, पंकज त्रिपाठी, सरोज त्रिपाठी, रमेश कुमार सुदामा और जन सुराज के नेता मनीष कश्यप शामिल रहे। इन सभी वक्ताओं ने एक स्वर में मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई जांच कराए जाने की पुरजोर मांग उठाई।

