Bharat Tiwari Video: भोजपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सोशल मीडिया पर वीडियो हटाने के भ्रामक खबरों का किया खंडन
- हाइलाइट:Bharat Tiwari Video
- मृतक भरत तिवारी के सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो डिलीट का मामला
- भोजपुर पुलिस द्वारा किसी भी पोस्ट को हटाने का कोई अनुरोध नहीं भेजा गया
- डिजिटल साक्ष्यों का संरक्षण, कोई छेड़छाड़ न हो सके- डेटा की सुरक्षा पहले ही सुनिश्चित
आरा। विभिन्न मीडिया माध्यमों एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित खबरों से सूचना प्राप्त हुई है, जिसमें यह आरोप लगाया जा रहा है कि “भरत तिवारी एनकाउंटर कांड” से जुड़े मृतक के सोशल मीडिया अकाउंट से कुछ महत्वपूर्ण वीडियो गायब या डिलीट कर दिए गए हैं और इस कृत्य में पुलिस की संलिप्तता का संदेह व्यक्त किया जा रहा है। भोजपुर पुलिस इस भ्रामक और तथ्यों से परे खबर का पूर्ण रूप से खंडन करती है।
इस संवेदनशील मामले में साक्ष्यों की सुरक्षा और निष्पक्ष अनुसंधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भोजपुर पुलिस द्वारा तकनीकी एवं कानूनी स्तर पर निम्नलिखित ठोस कदम उठाए गए हैं:
पोस्ट हटाने का कोई प्रतिवेदन नहींः भोजपुर पुलिस द्वारा उक्त सोशल मीडिया अकाउंट से किसी भी प्रकार के पोस्ट या वीडियो को हटाने/डिलीट करने के लिए कोई प्रतिवेदन या अनुरोध संबंधित नोडल प्राधिकारी को समर्पित नहीं किया गया है। अतः साक्ष्यों की लीपापोती के संबंध में लगाए जा रहे सभी आरोप पूरी तरह निराधार एवं असत्य हैं।
अकाउंट (ID) को संरक्षित (Preserve) करने की कार्रवाई: साक्ष्यों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध रहते हुए, भोजपुर पुलिस द्वारा उक्त सोशल मीडिया आईडी को भविष्य के अनुसंधान के लिए पूर्ण रूप से सुरक्षित / संरक्षित रखने हेतु संबंधित नोडल प्राधिकारी को विधिवत प्रतिवेदन समर्पित किया गया है, ताकि डिजिटल साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके।
पिछले 6 माह का डेटा पहले ही सुरक्षितः सोशल मीडिया पर वीडियो संबंधी अफवाह फैलने से पूर्व ही, इस कांड के संबंधित अनुसंधानकर्ता द्वारा अपनी सूझबूझ और त्वरित तकनीकी कार्रवाई करते हुए उक्त आईडी का पिछले 6 महीनों का संपूर्ण विवरण डिजिटल रूप से पूरी तरह सुरक्षित रख लिया गया है।

