Dr. Kumar Dwijendra आरा। संभावना आवासीय उच्च विद्यालय शुभ नारायण नगर मझौंवा आरा के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र ने कहा की संभावना स्कूल का मुख्य उद्देश्य अनुशासन के साथ शिक्षा है। आज के दौर में बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन जरूरी है। अभिभावक अपने बच्चों का शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन कराकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेते हैं और सारी जवाब देही विद्यालय प्रबंधन पर छोड़ देते हैं, जबकि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में बच्चे मात्र 6 घंटे ही रहते हैं। शेष समय वे अपने अभिभावकों के साथ बिताते हैं।
आज के दौर में विद्यालय में अनुशासनहीनता पर शिक्षक बच्चों को डांटने में भी संकोच करते हैं। किसी भी छोटी गलती पर अगर कोई शिक्षक बच्चों को डांट दे, तो अभिभावक तुरंत विद्यालय पहुंचकर हंगामा खड़ा कर देते हैं। ऐसे में बच्चों को शिक्षा देना बहुत ही कठिन कार्य हो गया है। एक ज्वलंत समस्या यह भी है कि आजकल बच्चे मोबाइल और इंटरनेट के चक्कर में किताब यानी पाठ्य- पुस्तक से दूर होते जा रहे हैं।
मोबाइल के ज्यादा उपयोग से उनकी स्मरण शक्ति कमजोर होती जा रही है, उनमें चिड़चिड़ापन और एग्रेसन बढ़ते जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के वर्ग- कक्षा में जो शिक्षा और संस्कार एक शिक्षक दे सकता हैं। वह मोबाइल और इंटरनेट पर नहीं मिल सकता है। इसलिए बच्चों को मोबाइल का लत छुड़ाना बहुत ही जरूरी है।
साथ ही, अभिभावकों को यह भी सोचना है कि कोई भी शिक्षक यदि आपके बच्चे को डांटता है तो उसका भविष्य बनाने के लिए या उसे अनुशासन में रखने के लिए। यदि बच्चों का भविष्य सुधारना है तो मोबाइल से दूर करना होगा और किताबों से जोड़ना होगा।

