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वीडियो डिलीट होने के सवाल पर क्या बोले न्यायिक जांच आयोग के सचिव

Secretary – Judicial Inquiry Commission: पुलिस-प्रशासन की गुरुवार से शुरू, तत्कालीन एसडीपीओ, थानाध्यक्ष, एसटीएफ के अवर निरीक्षक एवं अनुसंधानक की हुई गवाही

  • हाइलाइट: Secretary – Judicial Inquiry Commission
  • भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पीड़ित पक्ष की गवाही पूरी
  • प्रथम पेज की गवाही खत्म होने के बाद अंतरिम रिपोर्ट होगा दाखिल
  • सभी गवाहों के बयान की हो रही है वीडियोग्राफी
  • आमजन को भी बयान देने की है इजाजत, दी जाएगी सूचना
  • आमजन के पास जो भी साक्ष्य व वीडियो फुटेज हैं, वे जांच आयोग को शपथ पत्र के माध्यम से दे सकते हैं
  • न्यायिक जांच आयोग के सचिव सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी जानकारी

आरा। बहुचर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच आयोग के सचिव सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने गुरुवार को अब तक के अपडेट को मीडिया के समक्ष रखा। उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से अभी तक नौ गवाहों का बयान दर्ज हुआ है, जिसमें पीड़ित पक्ष के परिवार के लोग एवं जवईनिया गांव के विस्थापित लोग हैं।

न्यायिक आयोग द्वारा 16 जुलाई (गुरुवार) से पुलिस-प्रशासन के पक्ष का बयान लिया जा रहा है। आज जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर थाना के तत्कालीन थाना अध्यक्ष राजेश मालाकार, एसटीएफ के अवर निरीक्षक एवं अनुसंधानक का बयान दर्ज किया गया है। दोनों पक्षों का बयान दर्ज होने के उपरान्त प्रथम अंतिम रिपोर्ट (प्रतिवेदन) दाखिल होगा।

न्यायिक जांच आयोग के सचिव श्री श्रीवास्तव ने बताया कि सभी गवाहो के बयान की वीडियोग्राफी हो रही है, जो भी गवाह है। वे स्वत: अपना बयान दे रहे हैं। कही कोई बात समझ में नहीं आ रही है, तब उसके विषय में आयोग के अध्यक्ष सवाल कर रहे हैं। प्रथम फेज की गवाही के बाद सेकंड फेज में अन्य गवाहों का बयान दर्ज होगा। तत्पश्चात सार्वजनिक लोगों का भी बयान होगा।

आमजन के पास भी जो साक्ष्य या वीडियो फुटेज हैं। वह न्यायिक जांच आयोग को दे सकते हैं। अपनी बातों को शपथ पत्र में लिखकर दे सकते हैं। सार्वजनिक लोगों को बयान देने के लिए सूचना दी जाएगी। फेसबुक लाइव वीडियो के डिलीट होने के एक सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारे पास ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है।

भरत भूषण तिवारी का मोबाइल जप्त है। वह न्यायालय के समक्ष है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा न्यायिक जांच आयोग को 6 माह का समय दिया गया है। जो फाइनल रिपोर्ट होगा। वह सरकार को सौंप दिया जाएगा।

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