Ara Ward 31: राज्य निर्वाचन आयोग, पटना ने एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय सुनाते हुए नगर निगम आरा के वार्ड संख्या-31 के वार्ड पार्षद को उनके पद से तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। यह निर्णय वाद संख्या-20/2023 (कृष्णा जी बनाम् प्रयाग यादव) की सुनवाई के उपरांत लिया गया है। यह मामला कृष्णा जी (निवासी मोहल्ला भलुहीपुर, आरा) द्वारा प्रयाग यादव के विरुद्ध दायर किया गया था। याचिकाकर्ता ने बिहार नगरपालिका अधिनियम-2007 की धारा-18 (1) (m) का हवाला देते हुए पार्षद की सदस्यता को चुनौती दी थी।
Ara Ward 31: वार्ड पार्षद को थी की कुल तीन जीवित संतानें
बिहार नगर पालिका अधिनियम-2007 के धारा-18 (1)(m) के इस प्रावधान के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की 04 अप्रैल 2008 के उपरांत दो से अधिक जीवित संतानें होती हैं, तो वह नगरपालिका चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाता है। राज्य निर्वाचन आयोग में सुनवाई के दौरान यह तथ्य स्थापित हुआ कि प्रतिवादी प्रयाग यादव की कुल तीन जीवित संतानें हैं। विशेष रूप से, यह प्रमाणित हुआ कि उनकी कम से कम दो संतानों का जन्म निर्धारित कट-ऑफ तिथि यानी 04.04.2008 के बाद हुआ है। कानूनी प्रावधानों के अनुसार, ऐसी स्थिति में वे चुनाव संवीक्षा तिथि के समय ही अयोग्यता की श्रेणी में आते थे।
वार्ड पार्षद, वार्ड संख्या-31, नगर निगम आरा का पद रिक्त
राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने निर्णय में पाया कि प्रयाग यादव ने नामांकन के समय वास्तविक तथ्यों को जानबूझकर छिपाया और गलत शपथ पत्र के आधार पर चुनाव जीतकर वार्ड पार्षद का पद प्राप्त किया। आयोग ने इसे निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता का उल्लंघन माना। राज्य निर्वाचन आयोग ने तथ्यों और साक्ष्यों के गहन विश्लेषण के बाद बिहार नगरपालिका अधिनियम-2007 की धारा-18 (1)(m) और धारा-18 (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रयाग यादव को अयोग्य घोषित कर दिया है। आयोग के आदेशानुसार तत्काल प्रभाव से वार्ड पार्षद, वार्ड संख्या-31, नगर निगम आरा का पद रिक्त हो गया है, नियमानुसार पुनः निर्वाचन की प्रक्रिया जल्द ही संपन्न कराई जाएगी।


