Love Trap: आरा व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता सह नोटरी अधिकारी को प्रेम जाल में फंसाकर युवक द्वारा 19 लाख रुपए से अधिक की ठगी करने का मामला सामने आया है।
- हाइलाइट: Love Trap
- प्रेम जाल में फंसाकर अधिवक्ता सह नोटरी पदाधिकारी से ठग लिया 19 लाख, गिरफ्तार
- लड़की बनकर शुरू की चैटिंग और अधिवक्ता से वसूलने लगा पैसे
- पैसे देने से आनाकानी करने पर आपत्तिजनक वीडियो एवं फोटो बना करने लगा ब्लैकमेल
- साइबर थाने की पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर आरोपित को किया गया गिरफ्तार
Love Trap: आरा व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता सह नोटरी अधिकारी को प्रेम जाल में फंसाकर युवक द्वारा 19 लाख रुपए से अधिक की ठगी करने का मामला सामने आया है। जालसाज युवक द्वारा पहले प्रेम जाल में फंसाकर पैसे लिए ये गये। बाद में आनाकानी करने पर आपत्तिजनक फोटो व वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के नाम ठगी की गयी।
हालांकि मामला प्रकाश में आने के बाद साइबर थाने की पुलिस द्वारा आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव निवासी हिदायत हुसैन का पुत्र आदिल राशिद है। उसके पास से ठगी में इस्तेमाल फोन सहित मोबाइल बरामद किए गए हैं। पुलिस की पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
पीड़ित नोटरी पदाधिकारी प्रमोद कुमार राय है। वे मूल रूप से सहार थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और फिलहाल आरा में रहते हैं। वे कांग्रेस नेता भी बताये जा रहे हैं। साइबर डीएसपी स्नेह सेतू की ओर से मंगलवार को प्रेस बयान जारी कर यह जानकारी दी गई।
Love Trap: व्हाट्सएप के जरिए संपर्क में आयी नेहा कुमारी
डीएसपी ने बताया कि व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता सह नोटरी पब्लिक पदाधिकारी की ओर से 24 मार्च को थाने में आवेदन दिया गया। उसमें कहा गया था कि काम के सिलसिले में मो. आदिल नामक एक युवक उनके संपर्क में आया। बाद में उसके माध्यम से उसकी कथित बहन नेहा कुमारी भी व्हाट्सएप के जरिए संपर्क में आयी।
नेहा कुमारी ने प्रेम जाल में फंसाकर उनके निजी वीडियो एवं फोटो से आपत्तिजनक सामग्री तैयार कर लिया और ब्लैक मेल कर 19 लाख 35 हजार रुपए ठग लिया है। मामले में गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक राज के निर्देशन में अभियुक्त की गिरफ्तारी को लेकर साइबर डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गयी।
टीम में शामिल प्रशिक्षु डीएसपी कोमल मेहता, इंस्पेक्टर गांधी नाथ पाठक और दारोगा स्वाति रानी ने पीटीसी सरिता कुमारी, सिपाही लव कुमार एवं डीईओ दीपू कुमार के साथ तकनीकी सूत्र के आधार पर आरोपित आदिल राशिद को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से चार मोबाइल भी बरामद किये गये। उसमें अधिवक्ता सह नोटरी पदाधिकारी से व्हाट्सएप चैटिंग में इस्तेमाल मोबाइल भी है।
शपथ पत्र बनवाने के दौरान नोटरी से की दोस्ती और फिर करने लगा चैटिंग
साइबर डीएसपी स्नेह सेतू ने बताया कि पूछताछ में आदिल राशिद ने अपना गुनाह कबूल कर लिया गया। डीएसपी के अनुसार आदिल राशिद ने बताया कि उसके पिता हिदायत हुसैन अनुमंडल पदाधिकारी की गाड़ी चलाते थे। उनकी मृत्यु के बाद उसे नौकरी के लिए आवेदन करना था। उस सिलसिले में वह शपथ पत्र बनवाने कोर्ट गया था। वहां उसकी मुलाकात अधिवक्ता सह नोटरी पदाधिकारी प्रमोद कुमार राय से हुई। दोनों में दोस्ती भी हो गयी।
बाद में उसने अपने एक मोबाइल नंबर से नोटरी पदाधिकारी को मैसेज किया। तब नोटरी पदाधिकारी ने पूछा कि कौन हो। उसके द्वारा नाम नेहा बताने पर नोटरी अधिकारी दिलचस्पी लेकर बात करने लगे। रोज बात होने लगी। उस बीच उसने अलग-अलग बहाने बना कर पैसे मांगने लगा। शुरू में नोटरी पदाधिकारी द्वारा पैसे दिए जा रहे थे। लेकिन हमेशा पैसे मांगे जाने पर उनके द्वारा आनाकानी की जाने लगी। तब वह ब्लैकमेल करने लगा और नोटरी पदाधिकारी द्वारा नगद और यूपीआई के माध्यम से 19 लाख 35 हजार रुपए दिए गए।

