Avoid taking antibiotics: आरा शहर के वरीय कंसलटेंट फिजिशियन एवं पूर्व एससीएमओ डॉ. के.एन. सिन्हा को “एशिया बुक्स ऑफ रिकॉर्ड” के द्वारा रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट दिया गया।
- हाइलाइट: Avoid taking antibiotics
- डाॅ. सिन्हा बोले: बिना डॉक्टर के सलाह और प्रिसक्रिप्शन के एंटीबायोटिक दवा लेने से बचे
आरा। शहर के वरीय कंसलटेंट फिजिशियन एवं पूर्व एससीएमओ डॉ. के.एन. सिन्हा को “एशिया बुक्स ऑफ रिकॉर्ड” के द्वारा रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट दिया गया। इसमें यह प्रमाणित किया गया है कि डॉ. सिन्हा ने “एंटीमाइक्रोबॉयल रेजिस्टेंस ” जागरूकता के लिए एक अभियान चलाये।
डॉ. सिन्हा ने बताया कि आम जनता एवं मेडिकल लोगों को “एंटी माइक्रोबॉयल रेजिस्टेंस” के बारे में जानना चाहिए और एंटीबायोटिक का उपयोग बहुत सोच समझकर अत्यंत जरूरत पड़ने पर ही करना चाहिए। इसके खतरा के बारे में भली-भांति सबको जानना चाहिए। बिना डॉक्टर के सलाह और प्रिसक्रिप्शन के किसी भी मेडिकल दुकान को एंटीबायोटिक की दवा आम जनता को नहीं देनी चाहिए।
Avoid taking antibiotics : लीवर और हृदय के साथ-साथ किडनी पर असर
आम जनता को भी अपने से एंटीबायोटिक का उपयोग नहीं करना चाहिए। क्योंकि धड़ल्ले से इसके उपयोग से लीवर और हृदय के साथ-साथ किडनी भी खराब होने का डर रहता है। बहुत से एंटीबायोटिक का असर दिमाग पर भी पड़ता है। एंटीबायोटिक के साथ-साथ हमेशा विटामिन और कभी कभी प्री व पोस्ट बायोटिक कैप्सूल्स लेना जरूरी है। अभी के बदलते मौसम में कॉमन कोल्ड वायरल इंफेक्शन ज्यादा हो रहा है, जो स्वतः तीन से पांच दिन में ठीक हो जाता है।
सिर्फ सिंप्टोमेटिक, कष्ट की दवा लेने पर। कोई भी खांसी, सर्दी व बुखार एक हफ्ते से ज्यादा टिक जाए या खखार पीला हो, तभी एंटीबायोटिक का उपयोग चिकित्सक की परामर्श से लेना चाहिए। बहुत से घाव, फोड़ा, फुंसी भी, अपने से या एंटी एलर्जिक दवा और गर्म पानी से सेंकने पर ठीक हो जाता है। वावजूद इसके लोग धड़ल्ले से एंटीबायोटिक ले लेते हैं, जिससे जोखिम होता है।
बार-बार एंटीबायोटिक लेने से “बॉडी रेजिस्टेंस” होता है, जिसके कारण जरूरत पड़ने पर हल्का और मीडियम स्तर का एंटीबायोटिक असर नहीं करता और बहुत बड़ा, कड़ा एंटीबायोटिक लेने पड़ता है। कभी-कभी असर नहीं होता और उसका साइड इफेक्ट ज्यादा होने लगता है।
पेट खराब होने पर भी कभी-कभी उपवास करने पर दही खाने से या प्री, प्रोबायोटिक कैप्सूल लेने से पेट ठीक हो जाता है। लोग घबराहट में एंटीबायोटिक का गोली खाने लगते हैं, जो हानिकारक होता है, बाद में बहुत सी साधारण बीमारियों में, एंटीबायोटिक के बदले, घरेलू औषधि और आयुर्वेदिक दवा भी काफी कारगर होता है।











