Saturday, March 6, 2021
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यूपी सड़क हादसे में भोजपुर के प्रवासी श्रमिक की मौत-भतीजा जख्मी 

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में शुक्रवार की सुबह हुआ हादसा

राजस्थान के भिवाडी से स्कॉर्पियो से लौट रहे भोजपुर व बक्सर के 11 लोगों को ट्रक ने रौंदा

मृतक व जख्मी शाहपुर थाना के गोसाईंपुर गांव के निवासी

हादहे की सूचना से गांव में मची हाहाकार, मृतक के घर में रोना-धोना

पढिये पुरी खबर……

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आरा। यूपी के प्रतापगढ़ में शुक्रवार की तड़के सुबह भीषण सड़क हादसे में भोजपुर के भी एक प्रवासी श्रमिक की मौत हो गयी। इस हादसे में उसका भतीजा भी गंभीर रूप से जख्मी हो गया। मृत श्रमिक शाहपुर थाना क्षेत्र के गोसाईंपुर गांव निवासी नंदलाल पासवान है। जख्मी उनका भतीजा बंटी पासवान है। उसका इलाज लखनऊ में चल रहा है। हादसा प्रतापगढ़ के वाजिदपुर गांव के पास हाईवे पर हुआ है। इसमें नौ प्रवासी श्रमिकों की जान चली गयी है। मरने वालों में अधिकतर बक्सर जिले के नया भोजपुर के रहने वाले बताये जा रहे हैं।

राजस्थान के भिवाडी से स्कॉर्पियो से अपने गांव लौट इन श्रमिकों को एक ट्रक ने रौंद डाला। हादसे की सूचना मिलते ही मृत श्रमिक के घर में कोहराम मच गया। वहीं पूरे गोसाईंपुर गांव में मातम पसर गया। गांव के कुछ लोग यूपी के लिये निकल गये। बताया जा रहा है कि नंदलाल पासवान की बेटी का जून में गवना होने वाला था। उसी को लेकर वह अपने भतीजे बंटी के साथ गांव आ रहा था। उसके कुछ दोस्तों भी स्कॉर्पियो से गांव आ रहे थे। उनके कहने पर वह दोस्तों के स्कॉर्पियो में सवार हो गया। इस बीच शुक्रवार की तड़के सुबह करीब पांच बजे यूपी के प्रतापगढ़ के समीप बेलगाम ट्रक ने स्कॉर्पियों में जोरदार ठोकर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सकॉर्पियो के परखच्चे उड़ गये। स्थिति ऐसी थी कि गैस कटर से स्कॉर्पियो को काट उसमें फंसे लोगों को बाहर निकाला गया उसमें नंदलाल पासवान सहित नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी। जबकि बंदी सहित दो लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये।

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बिटिया को ससुराल विदा करने से पहले ही उठ गयी नंदलाल की अर्थी

आरा। रफ्तार के कारण गोसाईंपुर गांव के रहने वाले नंदलाल पासवान की बेटी को डोली में बिठाकर ससुराल विदा करने की ख्वाहिश अधूरी रह गयी। बेटी को विदा करने से पहले ही वह स्वर्ग सिधार गये और उनकी अर्थी उठ गयी। बताया जाता है कि नंदलाल पासवान हरियाणा के भिवाड़ी की एक कंपनी मे काम करता थे।

उनकी बड़ी बेटी की 30 जून को गवना होने वाला था। हर बाप की तरह उनका भी बेटी को अपने हाथों डोली में बिठा ससुराल भेजने का सपना था। इस सिलसिले में ही वह गांव आ रहे थे। लेकिन रास्ते में ही तेज रफ्तार की कहर का शिकार हो गये। उनके घर आने की राह देख रही पत्‌नी व बेटियों पर मानों आफत का पहाड़ टूट पड़ा। शुक्रवार की सुबह घर आये एक फोन कॉल से उनके घर का माहौल गमगीन हो गया। वहीं पति की मौत की खबर सुनकर पत्नी मीना देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। मनहूस खबर मिलते ही मीना देवी दहाड़ मार रोने लगी। उन्हें सांत्वना देने के लिए आसपास की महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार चल रहा था। दोनों बेटियों के भी आंसू नहीं थम रह थे। उनकी पत्नी व बेटियों की चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो उठा था।

ट्रेन में कराया था रिजर्वेशन, दोस्तों की जिद ले गयी जान

आरा। नंदलाल पासवान के लिये दोस्तों की जिद व स्कॉर्पियो की सवारी काफी अमंगल रही। उनको अपनी जान गंवानी पड़ गयी। गांव के लोगों की मानें तो दोस्त व स्कॉर्पियो उनके लिये यमराज बनकर आये थे। बताया जाता है कि नंदलाल पासवान ने गांव आने के लिये ट्रेन में रिजर्वेशन कराया था।14 जून को उनका टिकट था। इस बीच उनके कुछ दोस्त गांव आने लगे। सभी स्कॉर्पियो से आ रहे थे। ऐसे में उन्हें भी स्कॉर्पियो से चलने की जिद करने लगे। दोस्तों के आग्रह व कुछ दिन पहले ही गांव पहुंच जाने की लालच में नंदलाल अपने भतीजे बंटी पासवान के साथ स्कॉर्पियो पर सवार हो गये। लेकिन शायद नियति को यह बात पसंद नहीं आयी और रास्ते में ही स्कॉर्पियो हादसे का शिकार हो गयी।

परिवार के दर्जन भर सदस्यों के साथ भिवाड़ी में रहते थे नंदलाल

आरा। गोसाईंपुर गांव के नंदलाल पासवान तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई भोला पासवान व मांझिल भाई अक्षयलाल पासवान भी राजस्थान राज्य के भिवाडी में प्राइवेट नौकरी करते थे। उनके परिवार के करीब दर्जन भर से अधिक सदस्य एक साथ काम करते हैं। उनके

दो पुत्र व दो बिटिया है। बड़ा बेटा अनिल पासवान (20) व दूसरा सुनील पासवान है। बेटियों में पूजा देवी व शोभा कुमारी है। सभी का रो-रोकर बुरा हाल था। इधर, चाचा नंदलाल की मौत से जख्मी भतीजा बंटी काफी सदमे में था। वह सही तरीके से बोल नहीं पा रहा है। बातचीत के क्रम में वह फफककर कर रो पड़ता था।

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