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राजद कार्यकर्ताओं की टिकट दावेदारी से वर्तमान विधायकों की स्थिति पर पड़ता असर

भोजपुर राजद (Bhojpur Rjd) में दिखने लगा बिजेन्द्र यादव के दल -बदल का असर

बिहार: भोजपुर जिले के कद्दावर नेता पूर्व विधायक बिजेन्द्र यादव के राजद छोड़ने पर (Bhojpur Rjd) भोजपुर जिले के कई विधानसभा में राजद कार्यकर्ताओं पर इसका साफ असर देखने को मिल रहा है। दरअसल राजद की मूल ताक़त ‘माई’ समीकरण की एकजुटता रही है। बिजेन्द्र यादव गत दशक के कई चुनाव में समीकरण की एकजुटता के लिए कार्य करते रहे है। नतीजा भोजपुर जिला के सभी सातों विधानसभा में राजद के मजबूत कार्यकर्ताओं से इनका व्यक्तिगत लगाव है। कई ऐसे राजद के मजबूत कार्यकर्ता है जो पिछले कई चुनावों से उम्मीदवार की देवेदारी करते रहे है पर चुनाव के समय बिजेन्द्र यादव ऐसे कार्यकर्ताओं से सीधे बातकर उन्हें समझा बुझाकर शांत करा देते थे। बिजेन्द्र यादव के राजद छोड़ने के बाद (Bhojpur Rjd) भोजपुर जिले में होनेवाले नुकसान का अंदाजा लगाया जा सकता है। बहरहाल भोजपुर जिले में दल-बदल का सबसे ज्यादा नुकसान होते दिख रहा है।

jay kumar

आरा में मुकुल यादव,शाहपुर में हीरा ओझा,धनन्जय,बड़हरा में मनोज सिंह,जगदीशपुर में गोरखनाथ सिंह है सक्रिय

Bhojpur Rjd आरा में मुकुल यादव,जगदीशपुर में गोरखनाथ यादव,बड़हरा में मनोज सिंह,शाहपुर में हीरा ओझा,धनन्जय यादव, की देवेदारी प्रबल दिखाई दे रही है। आरा में मुकुल यादव नही मानते है तो फिर यहां वर्तमान विधायक अनवर आलम की स्थिति पर असर पड़ेगा। यहां पिछले चुनाव में जीत का मार्जिन बेहद कम था। वही बड़हरा में राजद के सरोज यादव वर्तमान विधायक है यहां राजद के प्रदेश सचिव मनोज सिंह की राजद नेतृत्व के नजदीकी होने को लेकर चर्चा है। जगदीशपुर की बात करें तो यहां से वर्त्तमान विधायक रामविशुन सिंह लोहिया है। वही यहां पर भी कई उम्मीदवार दिखाई दे रहे है जिनमे गोरखनाथ सिंह यादव का नाम प्रमुख है। गोरखनाथ सिंह अपना बॉयोडाटा भी जमा कर चुके है।

वही शाहपुर विधानसभा की बात करे तो यहां भी अंदरखाने सबकुछ सही दिखाई नही दे रहा है। शाहपुर के वर्तमान राजद विधायक राहुल तिवारी उर्फ मंटु तिवारी के द्वारा शाहपुर व बिहिया में प्रखंड कार्यकर्तओं की बैठक की गई। जिसमें राजद कार्यकर्ताओं की उपस्थित व उत्साह विगत चुनाव की अपेक्षा कम दिखाई पड़ी। राजद के युवा व अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा राजद के नये उमीदवार के पक्ष में भी अभियान चलाया जा रहा है जिसमे हीरा ओझा व धनन्जय यादव का नाम चर्चित है। कुल मिलाकर देखे तो विगत विधानसभा चुनाव की मजबूत महागठबंधन की अपेक्षा इस बार बिजेन्द्र यादव के राजद छोड़ने पर भोजपुर जिला में असर पड़ता दिखाई दे रहा है।

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Bijay singh
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