Thursday, July 29, 2021
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भोजपुरी संस्कृति और इससे जुड़ी लोककलाओं को मिले मान-सम्मान-सत्यकाम आनंद

Bhojpuri picture art-भोजपुरी कला संरक्षण मोर्चा द्वारा चलाये जा रहे आंदोलन के तेरहवां दिन समप्न

प्रत्येक भोजपुरी भाषी व्यक्ति का यह नैतिक कर्तव्य बनता है कि वह भोजपुरी संस्कृति और इससे जुड़ी लोककलाओं के संरक्षण और इसको उचित मान-सम्मान और स्थान दिलाने के लिए भोजपुरी कला संरक्षण द्वारा चलाये जा रहे इस क्रमिक आंदोलन में सक्रियता से भाग लें। उपरोक्त बाते बॉलीवुड अभिनेता एवं आरा की मिट्टी में जन्मे व भोजपुर जिला प्रशासन द्वारा विधानसभा चुनाव के स्वीप आइकॉन रहे सत्यकाम आनन्द ने भोजपुरी कला संरक्षण मोर्चा द्वारा चलाये जा रहे आंदोलन के तेरहवें दिन अपना समर्थन व्यक्त करते हुए कहा।

अत्यंत समृद्ध है भोजपुरी संस्कृति की विरासतः अजीत कुमार

Bhojpuri picture art भोजपुरी चित्रकला के कलाकारों रूपा कुमारी, निक्की कुमारी, शालिनी कुमारी, प्रशंसा पटेल,गुड़िया कुमारी एवं अमन राज ने वरिष्ठ चित्रकारों कमलेश कुंदन, विजय मेहता और कौशलेश कुमार के निर्देशन में बैग पर दर्शनीय भोजपुरी चित्रों का अंकन किया। इनके द्वारा अंकित भोजपुरी चित्रों को देखकर अनेक लोग आश्चर्यमिश्रित खुशी व्यक्त कर रहे थें। अपनी पारंपरिक लोक कला को को इस नए स्वरूप में देखकर आम लोगों ने कलाकारों के सार्थक प्रयास की जमकर प्रशंसा की।

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जाप के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. बबन कुमार यादव ने कहा कि Bhojpuri picture art भोजपुरी कला के संरक्षण के लिए हर स्तर पर मोर्चा का सहयोग किया जायेगा। जाप के प्रदेश महासचिव डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह ने कहा कि इस आंदोलन में हमारी भूमिका अग्रणी सहयोगी के रूप में रहेगी। जनतांत्रिक विकास पार्टी के बिहार के युवा मोर्चा एवं भोजपुरी जन जागरण अभियान, बिहार के अध्यक्ष कुमुद पटेल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार यथाशीघ्र हमारी भोजपुरी संस्कृति की महत्ता को स्वीकार करते हुए इसे सम्मानपूर्वक उचित स्थान प्रदान करें। भारतीय सबलोक पार्टी के प्रदेश महासचिव डॉ. जितेंद्र शुक्ल ने आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अगर आवश्यकता हुई, तो भोजपुरी भाषी संस्कृति के सम्मान के लिए आमरण अनशन भी किया जायेगा।

भोजपुरी भाषी संस्कृति के सम्मान के लिए आमरण अनशन

आंदोलन की खबरों को पढ़कर अपनी मातृभाषा भोजपुरी के प्रति उमड़ रही भावना को व्यक्त करने के लिए नई दिल्ली में अध्ययनरत सौम्या एवं नोयडा में कार्यरत उनके भाई आदित्य स्वरूप आंदोलन स्थल पर आकर न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराई बल्कि मोर्चा को आर्थिक सहायता भी प्रदान किया तथा भविष्य में अपना सहयोग जारी रखने की भी बात कही।

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शांतिपूर्ण एवं सशक्त आंदोलन को धार देने में रंगकर्मी अशोक मानव, कृष्णेन्दु, मनोज श्रीवास्तव,रतन देवा,राजू कुमार मिश्र, सुनील कुमार चौधरी, पत्रकार मुकेश सिन्हा, डब्ल्यू कुमार, सौरव श्रीवास्तव, संजय राय, सामाजिक कार्यकर्ता भास्कर मिश्र, रुपेश कुमार पांडेय (ज्ञानपुरी), कमलदीप कुमार, अभिनव कुमार, संस्कार कृष्णा, विकास कुमार, पूर्व मुखिया हरिश्चंद्र शाह, सोनाली राज, फजल करीम की भूमिका उल्लेखनीय एवं प्रशंसनीय रही।

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