Bihar Latest: एडीजी कुंदन कृष्णन और एसटीएफ के एसपी संजय कुमार सिंह के अनुसार पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जेल में बंद बक्सर के कुख्यात अपराधी शेरू सिंह और वैशाली के चंदन उर्फ प्रिंस द्वारा ही लूट की पूरी साजिश रची गई थी।
- हाइलाइट्स:Bihar Latest
- लूट के बाद कराया मुंडन, फिर भी पुलिस से नहीं बच सका पगला:
Bihar Latest आरा: जेल में बैठे कुख्यात गैंगस्टर और अपराधी युवा वर्ग के कुछ लड़कों को पहले एशो-आराम की जिंदगी और पैसे का लालच देकर गुमराह करते हैं। उसके बाद उनके जरिए ही सोना और बैंक लूट जैसी बड़ी घटनाओं को लगातार अंजाम दे रहे हैं। उसके लिए पहले से ट्रेंड अपराधियों की भी मदद ली जा रही है। तनिष्क शोरूम लूट कांड में भी जेल में बैठे शेरू सिंह और चंदन उर्फ प्रिंस की ओर से उसी तर्ज पर डेढ़ दर्जन से भी अधिक अपराधियों को हायर किया गया था।
एडीजी कुंदन कृष्णन और एसटीएफ के एसपी संजय कुमार सिंह के अनुसार पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जेल में बंद बक्सर के कुख्यात अपराधी शेरू सिंह और वैशाली के चंदन उर्फ प्रिंस द्वारा ही लूट की पूरी साजिश रची गई थी। उसके बाद जेल से अररिया निवासी चुनमुन झा के साथ संपर्क स्थापित कर प्लानिंग तय की गयी। चुनमुन झा के जरिए वैशाली के सहित अन्य जगहों के लोकल अपराधियों को हायर किया गया।
भोजपुर के कुछ लड़कों को सेट किया गया। उन लड़कों से लूट की पूरी घटना में शामिल अपराधियों को रहने से लेकर रेकी कराने तक में मदद ली गयी थी। जेल में बंद शेरू सिंह और चंदन उर्फ प्रिंस के पास से कुछ डिवाइस भी बरामद किए गए थे। उससे दोनों की कांड में संलिप्तता के सबूत भी मिले हैं।
एडीजी के अनुसार जेल में बंद दोनों अपराधियों को भी जल्द ही रिमांड पर बिहार लाया जायेगा और आगे की कार्रवाई की जायेगी। एडीजी के अनुसार लूट इस कांड में अबतक 17 से बीस अपराधियों की संलिप्तता सामने आयी है। उनमें 15 को गिरफ्तार किया जा चुका है। रिसीवर सहित अन्य की तलाश की जा रही है।
लूट के बाद कराया मुंडन, फिर भी पुलिस से नहीं बचा पगला: तनिष्क शोरूम में दस करोड़ की डकैती की घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी पुलिस से बचने के लिए दूसरे राज्यों में भाग गये थे। उस दौरान कुछ अपराधियों द्वारा पुलिस से बचने के लिए अपना हुलिया भी बदल लिया गया था। बावजूद अपराध पुलिस से बच नहीं सके।
एडीजी कुंदन कृष्णन के अनुसार लूट के बाद अधिकतर अपराधी हरियाणा, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हिमाचल, जम्मू और कर्नाटक चले गए थे। उनमें कुछ ने तो मनाली जाकर मौज-मस्ती भी की थी। लूट के बाद मिले पैसों को पानी के तरह उड़ाया था। करीब दस मोबाइल खरीदे गए थे। अपराधियों ने उस पैसे से हवाई जहाज से सफर भी किया था।
वहीं, सुमित उर्फ प्रिंस पगला नाम के एक अपराधी द्वारा मिर्जापुर जाने के बाद पहचान छुपाने के लिए मुंडन करा लिया गया था। उसकी तस्वीर ही इंस्टा पर शेयर किया गया था। उसमें उसे एक दोस्त के साथ लूटे गए सोने की चेन पहने देखा गया था। हालांकि उसे छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया।
एडीजी की मानें तो लूट की घटना के बाद पुलिस से बचने के लिए सभी लगातार भाग रहे थे। उसके बावजूद 15 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। लूट कांड का मुख्य अपराधी चुनमुन झा मुठभेड़ में मारा गया। घटना के बाद आभूषण लेकर भागने के दौरान भी पुलिस के साथ मुठभेड़ में गोली लगने के बाद दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।