HomeNewsबिहारअब वार्ड पार्षद तय करेंगे सशक्त स्थायी समिति, चुनाव का ऐलान

अब वार्ड पार्षद तय करेंगे सशक्त स्थायी समिति, चुनाव का ऐलान

Bihar Urban Local Bodies: विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि पूर्व में जारी अध्यादेश की अवधि समाप्त होने के बाद अब बिहार नगरपालिका (संशोधन) अधिनियम, 2026 के माध्यम से इसे स्थायी रूप से लागू किया गया है।

  • हाइलाइट: Bihar Urban Local Bodies
  • बिहार के नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति चुनाव का ऐलान
  • सभी जिलों के नगर निकायों में 15 से 20 अप्रैल के बीच पूरा होगा निर्वाचन

पटना। बिहार में नगर निकायों के कामकाज में अभूतपूर्व सुधार और पारदर्शिता लाने की दिशा में उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के तहत अब नगर निकायों की सबसे प्रभावशाली इकाई सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का चयन मनोनयन के आधार पर नहीं, बल्कि निर्वाचित वार्ड पार्षदों द्वारा गुप्त मतदान के माध्यम से किया जाएगा। यह कदम स्थानीय स्वशासन को अधिक लोकतांत्रिक, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।

इस नई निर्वाचन प्रक्रिया की सबसे बड़ी विशेषता इसका निष्पक्ष होना है। पूरी चुनाव प्रक्रिया जिला पदाधिकारी के सीधे पर्यवेक्षण, निर्देशन और नियंत्रण में संपन्न होगी, जिससे किसी भी स्तर पर पक्षपात की संभावना समाप्त हो जाएगी। जिला पदाधिकारी को यह दायित्व सौंपा गया है कि वे मतदान की तिथि से कम से कम एक सप्ताह पूर्व सभी वार्ड पार्षदों को स्थान और समय की आधिकारिक सूचना उपलब्ध कराएं।

Bihar Urban Local Bodies: अलग-अलग मतपेटिकाएं (क्रमांक 1, 2, 3 आदि) रखी जाएंगी

निर्वाचन प्रक्रिया के नियमों को बेहद स्पष्ट रखा गया है। प्रत्येक रिक्त पद के लिए अलग-अलग मतपेटिकाएं उपलब्ध होंगी, जिन्हें क्रमांक एक, दो और तीन के रूप में चिह्नित किया जाएगा। पारदर्शिता का मानक बनाए रखने के लिए प्रत्येक वार्ड पार्षद को केवल एक रिक्ति के लिए नामांकन करने की अनुमति होगी। मतदान प्रक्रिया पूरी होते ही पार्षदों की उपस्थिति में मतपेटियां खोली जाएंगी और मतगणना के तुरंत बाद सर्वाधिक मत प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को विजयी घोषित किया जाएगा।

विभागीय अधिसूचना के अनुसार, बिहार के सभी जिलों के नगर निकायों में यह निर्वाचन कार्य 15 अप्रैल 2026 से 20 अप्रैल 2026 के बीच पूर्ण कर लिया जाएगा। चुनाव परिणाम घोषित होने के साथ ही नवनिर्वाचित सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी, ताकि विकास कार्यों में विलंब न हो।

वीडियोग्राफी अनिवार्य

सरकार ने इस प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए वीडियोग्राफी को अनिवार्य कर दिया है। निर्वाचन से संबंधित सभी दस्तावेज और वीडियो फुटेज को अगले आम चुनाव तक अथवा किसी न्यायिक प्रक्रिया के लंबित होने की स्थिति में उसके समाधान तक सुरक्षित रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त, जिला पदाधिकारी को सहायक निर्वाचन पदाधिकारी और अन्य आवश्यक कर्मियों की प्रतिनियुक्ति करने का पूर्ण अधिकार प्रदान किया गया है।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि बिहार नगरपालिका संशोधन अधिनियम 2026 के माध्यम से इस व्यवस्था को अब स्थायी रूप दे दिया गया है। पूर्व में जारी अध्यादेश की अवधि समाप्त होने के पश्चात इसे कानूनी रूप से लागू करना सरकार की सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य सशक्त स्थायी समिति को और अधिक सशक्त और जवाबदेह बनाना है, ताकि नगर निकायों के स्तर पर लिए जाने वाले नीतिगत निर्णयों में सभी पार्षदों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

  • निर्वाचन प्रक्रिया के मुख्य बिंदु:
  • गुप्त मतदान और बहुमत: समिति के सदस्यों का चुनाव निर्वाचित वार्ड पार्षदों के गुप्त मतदान और बहुमत के आधार पर होगा।
  • DM की निगरानी: जिला पदाधिकारी चुनाव से कम से कम एक सप्ताह पहले सभी वार्ड पार्षदों को स्थान और समय की सूचना देंगे।
  • क्रमवार मतदान: प्रत्येक रिक्त पद के लिए अलग-अलग मतपेटिकाएं (क्रमांक 1, 2, 3 आदि) रखी जाएंगी। एक वार्ड पार्षद केवल एक ही रिक्ति के लिए नामांकन कर सकेगा।
  • तत्काल मतगणना: मतदान समाप्त होते ही पार्षदों के सामने मतपेटियां खोलकर गिनती की जाएगी और सर्वाधिक मत पाने वाले को विजयी घोषित किया जाएगा।
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