Bilauti Case: बिलौटी पहुंच परिजनों से मिले मंत्री, बोले-एनकाउंटर के दौरान जगदीशपुर एसडीएम की भूमिका की भी होगी जांच, दोषी बचेंगे नहीं
- हाइलाइट: Bilauti Case
- मंत्री ने भरत के पिता को पांच लाख का चेक सौंपा
- कहा : आरोपित एसडीपीओ का प्रमोशन नहीं हुआ
- निष्पक्ष जांच के लिए तबादला किया गया
आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को भरत तिवारी कथित एनकाउंटर घटना के बाद बिहार सरकार के मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिजनों से मिलने वाले वे राज्य सरकार के पहले मंत्री हैं। उन्होंने मृतक भरत तिवारी के आवास पर पहुंचकर उनकी मां आशा देवी, पिता काशीनाथ तिवारी और अन्य शोक संतप्त परिजनों से विस्तृत बातचीत की और घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली।
Bilauti Case : भरत एनकाउंटर में पुलिस का ओवर रिएक्शन दिखता है : अशोक चौधरी
मुलाकात के दौरान पीड़ित परिवार ने पुलिस द्वारा किए गए एनकाउंटर को पूरी तरह से फर्जी करार दिया। परिजनों ने न केवल पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए, बल्कि जवइनिया गांव के विस्थापितों के फंड में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप भी लगाया। इसके अतिरिक्त, भरत तिवारी के गायब मोबाइल फोन के मामले में भी पुलिस-प्रशासन की भूमिका को संदिग्ध बताया गया। परिजनों के दावों को सुनते हुए मंत्री अशोक चौधरी ने प्रथम दृष्टया इस पूरे मामले को पुलिस का ओवर रिएक्शन माना है।
एसडीएम की संदिग्ध भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी
सबसे महत्वपूर्ण पहलू, जिसे लेकर परिजनों ने कड़ी आपत्ति जताई, वह एनकाउंटर के दौरान तत्कालीन एसडीएम की मौजूदगी और उनकी भूमिका थी। परिजनों ने मंत्री से सवाल किया कि आखिर उस समय एसडीएम वहां किस हैसियत और भूमिका में उपस्थित थे? इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक स्तर पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि एनकाउंटर के दौरान एसडीएम की संदिग्ध भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
मंत्री ने कहा कि भरत तिवारी गंगा कटाव से प्रभावित विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और उनके वाजिब अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि उनके द्वारा दी गई सभी जानकारियों और तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, कानून के दायरे से बाहर नहीं बच पाएगा।
मंत्री ने पांच लाख रुपये की सहायता राशि का चेक भी सौंपा
इस अवसर पर डॉ. अशोक चौधरी ने मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी को पांच लाख रुपये की सहायता राशि का चेक भी सौंपा। आरोपी एसडीपीओ के संबंध में उठ रहे सवालों पर स्पष्टीकरण देते हुए मंत्री ने कहा कि उनका प्रमोशन नहीं हुआ है। मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ही उनका तबादला किया गया है।
बिहार सरकार ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। मंत्री के आश्वासन और जांच के स्पष्ट निर्देशों के बाद अब क्षेत्र के लोगों की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यह दौरा इस बात का संकेत है कि सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और घटना से जुड़े हर एक बिंदु की पारदर्शी जांच की जाएगी।




