Saturday, April 5, 2025
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प्रियंका ने विदेश में की छठी मईया एवं आराध्य देव सूर्य की उपासना

Chhath festival seen in England- भोजपुर की बेटी ने सात समंदर पार इंग्लैंड में की भागवान सूर्य की पूजा

बिहिया की प्रियंका लगातार नौ साल से करती आ रही हैं छठ

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प्रियंका ने भगवान भास्कर को अर्पित किया अर्घ्य

Mathematics Coching shahpur
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खबरे आपकी आरा। (कृष्ण कुमार) पूर्वी भारत यूपी-बिहार के लोग दुनिया के किसी भी कोने में चले जायें परन्तु अपनी आस्था को नही भूलते। खासकर सुप्रसिद्ध छठ पूजा महापर्व। बिहार के भोजपुर की बेटी प्रियंका जयसवाल इंगलैंड की धरती (लंदन) में आराध्य देवी छठी मईया एवं आराध्य देव भगवान सूर्य की उपासना कर डूबते और उगते दोनों सूर्य को अर्ध्य दिया ।

भोजपुर जिले के बिहिया नगर पंचायत व्यवसायी जगदीश जायसवाल की बेटी प्रियंका ने प्रत्येक साल की तरह इस साल भी छठ का व्रत किया। पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ उन्होंने भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित किया। प्रियंका की शादी गाजीपुर में हुई है। उनके पति का लंदन में कंपनी है। वह 2007 से ही लंदन में रह रही है।

पढ़े: लोक आस्था का महापर्व छठ की विशेषता: देव भाव के आगे मिट जाता है आपसी भेदभाव

Chhath festival seen in England-इंगलैंड में दिखी छठ पर्व की छटा

Chhath festival seen in England
Chhath festival seen in England

घर परिवार से दूर सात समुंदर पार ब्रिटेन के दोस्तों और पारिवारिक मित्रों ने भी पर्व में उनका साथ दिया। प्रियंका जयसवाल पिछले नौ सालों से लगातार लंदन में छठ महापर्व को बड़ी ही श्रद्धा व भक्ति से करती आई हैं। हर साल की तरह इस बार भी उनके घर का नजारा भक्तिमय रहा। यूपी और बिहार के लोगों ने मिलकर इंग्लैंड की धरती को छठमय करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हालांकि वहां टेम्स नदी में भारत की नदियों जैसा नजारा देखने को नहीं मिलता है। क्योंकि वहां काफी ठंड होती है, ऐसे में अपने घर के अहाते में छोटा पुल बनाकर ही पूजा-अर्चना करनी पड़ी। काफी ठंड की वजह से सूर्य को देख पाना मुश्किल होता है। इस बार भी शाम डूबते सूर्य की उपासना ठीक रहा।

विदेशों में पूजा सामग्री एवं मौसम की होती है दिक्कत

विदेशों में पूजन सामग्री मिलना थोड़ा मुश्किल होता है और कई दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है। कई बार मौसम साथ नहीं देता। क्योंकि वहां काफी ठंड होती है। सूर्य को देख पाना मुश्किल होता है। छठ के प्रसाद को चढ़ाने के लिए बांस से बने प्रयुक्त पात्र जैसे कि सुप,डलिया आदि का मिलना भी मुश्किल होता है।

छठ के गीतों की भी अपनी ही एक छटा होती है। धुन,लय, बोल,आदि सभी मायनों में एक अनूठा मुग्धकारी वैशिष्टय लिए चलते है। यूट्यूब पर छठ गीत ‘कांच ही बांस के बहंगिया, मरबो जे सुगना धनुष से, केलवा के पात पर” आदि गीतों और देश से ऑनलाइन जुड़ किया छठ पूजा।

प्रियंका ने हल्की फुहारों के बीच सूर्य की उपासना की। वहीं सुबह मौसम साफ होने की वजह से सूर्य को अर्ध्य देना रोचक रहा। यूट्यूब पर छठ गीत और ऑनलाइन देश में परिजनों के साथ जुड़कर पूजा पाठ करना बेहद खास अनुभव होता है। साथ ही ब्रिटिश परवरिश के बीच पल रहे बच्चों के लिए यह अवसर देश की मिट्टी की सौंधी खुशबू से जोड़ने जैसा होता है। बच्चे भी इस अवसर पर बेहद उत्साहित नजर आए।

कलसूप में दिखा प्राकृति चित्रों से जुड़ा ठेकुआ

सात समुंदर पार ब्रिटेन के लंदन में छठ पर्व के मौके पर प्रियंका जयसवाल अर्ध्य देने के लिए फल- फूल के अलावे घर में प्रकृति के चित्रों से जुड़े ठेकुआ का निर्माण किया था। वह वहां के लोगों को प्रसाद के रूप में खूब भा रहा है। बताया जाता है कि छठ पर्व के मौके पर गेहूं के आंटे, गुड़ और गाय के शुद्ध घी से बने ठेकुआ से ही भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित किया जाता है।

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