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भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में साक्ष्य देने की समय-सीमा बढ़ी

Bharat Bhushan Tiwari case: भोजपुर के बहुचर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच आयोग ने साक्ष्य और बयान जमा करने की समय-सीमा एक बार फिर बढ़ा दी है। अब संबंधित पक्ष 18 सितंबर तक आयोग के समक्ष अपना बयान और साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं।

  • हाइलाइट: Bharat Bhushan Tiwari case
  • एनकाउंटर केस में बड़ा अपडेट
    18 सितंबर तक दें साक्ष्य
  • आयोग ने बढ़ाई तारीख
  • भरत भूषण केस में नया आदेश
  • किसके पास है अहम सबूत?
  • बिलौटी फायरिंग मामले में मौका

आरा। भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुई पुलिस फायरिंग से जुड़े भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच आयोग ने साक्ष्य जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। अब पीड़ित और संबंधित पक्ष 18 सितंबर तक अपना शपथपत्र, लिखित बयान और अन्य प्रासंगिक साक्ष्य आयोग के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

आयोग के सचिव और सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुबोध कुमार श्रीवास्तव की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है। विज्ञप्ति के अनुसार, घटना से जुड़े फोटो, मोबाइल नंबर, घटनास्थल का मानचित्र, वीडियो और ऑडियो सहित अन्य साक्ष्य आयोग को सौंपे जा सकते हैं। संबंधित पक्ष ये दस्तावेज निबंधित डाक, ईमेल या व्यक्तिगत रूप से आयोग के कार्यालय में जमा कर सकते हैं। ऑडियो और वीडियो की हार्ड कॉपी के साथ-साथ सॉफ्ट कॉपी भी उपलब्ध कराई जा सकती है।

बता दें कि 17 जून की सुबह शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में कथित पुलिस मुठभेड़ के दौरान काशीनाथ तिवारी के पुत्र भरत भूषण तिवारी की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस की ओर से इसे आत्मरक्षा मुठभेड़ बताया गया था, जबकि परिजनों ने आरोप लगाया था कि सरेंडर करने के बाद भरत भूषण तिवारी को पकड़कर गोली मारी गई। परिजनों के अनुसार, घटनास्थल पर तीन गोली और रास्ते में दो गोली मारी गई थी, उसे कई गोलियां लगने के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हुई थी।

घटना के बाद इलाके में काफी हंगामा हुआ था। भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी के बयान पर जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ, शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने तब निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था। आयोग अब 18 सितंबर तक प्राप्त होने वाले बयानों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाएगा।

  • हाइलाइट:
  • भरत भूषण तिवारी मामले में 18 सितंबर तक जमा कर सकेंगे बयान और साक्ष्य
  • न्यायिक जांच आयोग ने बढ़ाई समय-सीमा, पीड़ित व संबंधित पक्ष से मांगे गए साक्ष्य
  • बिलौटी पुलिस फायरिंग मामले में आयोग के सामने 18 सितंबर तक दें साक्ष्य
  • भरत भूषण तिवारी मौत मामले में फिर बढ़ी साक्ष्य जमा करने की तारीख
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