Jhuniya Devi: एनजीओ के अनुबंध और सेवा शर्तों की गोपनीयता पर शाहपुर नगर पंचायत की उपमुख्यपार्षद झुनीया देवी ने उठाए सवाल
- हाइलाइट: Jhuniya Devi
- कहा: शाहपुर नगर पंचायत कार्यालय में पारदर्शिता का अभाव
आरा। जिले के शाहपुर नगर पंचायत की उपमुख्य पार्षद झुनीया देवी ने एनजीओ की नियुक्ति, उनके नाम, पते और सेवा शर्तों से संबंधित अनुबंध की प्रतियां उन्हे उपलब्ध न कराए जाने पर कड़ा रुख अपनाया है। उपमुख्य पार्षद ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि नगर पंचायत में नियमों का पालन पूरी पारदर्शिता के साथ नहीं हो रहा है।
इस मामले में मुख्य विवाद तब उत्पन्न हुआ जब उपमुख्य पार्षद द्वारा बार-बार मांगे जाने के बावजूद, नगर कार्यालय द्वारा उन्हे नये एनजीओ से जुड़े दस्तावेजों, विशेषकर सेवा शर्तों के अनुबंध की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई है। उपमुख्य पार्षद के द्वारा इस मामले में 04 जून 2026 को अपने लिखित पत्र के माध्यम से सूचना मांगी गई है, जिसमे माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश व नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्र संलग्न किया गया है।
Jhuniya Devi: एनजीओ के दस्तावेजों को क्यों छिपा रहा नपं कार्यालय?
उपमुख्य पार्षद का कहना है कि एक जून से कथित एनजीओ द्वारा कार्यभार संभालने की बात कही जा रही है, परंतु धरातल पर स्थिति पूरी तरह विपरीत है। न तो किसी आधिकारिक पत्र के माध्यम से इस संबंध में सूचना दी गई है और न ही एनजीओ की कार्यप्रणाली के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी साझा की गई है। आश्चर्य की बात यह है कि वर्तमान में भी कार्य पूर्व की भांति ही चल रहे हैं, जिससे यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि आखिर इन समझौतों के पीछे क्या रहस्य छिपा है।
प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही का अभाव किसी भी सरकारी तंत्र के लिए घातक होता है। उपमुख्य पार्षद ने चेतावनी दी है कि यदि नगर कार्यालय द्वारा एनजीओ के सेवा शर्त संबंधी दस्तावेजों को समयानुसार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो वे इसे उच्च स्तर पर ले जाने के लिए बाध्य होंगी। इसके पहले वे नगरकर्मियों की मनमानी के खिलाफ नगर पंचायत कार्यालय में तालाबंदी करेंगी।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि शाहपुर नगर पंचायत कार्यालय के इस गंभीर लापरवाही के खिलाफ अधिकारियों व विभाग को शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ माननीय उच्च न्यायालय में कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट (न्यायालय की अवमानना) आपराधिक अवमानना का मामला दर्ज कराएंगी।




