HomeNewsशारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ खेल अनुशासन सिखाता है: डीएम

शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ खेल अनुशासन सिखाता है: डीएम

Mata Shabri cricket tournament: माता शबरी क्रिकेट टूर्नामेंट का उदघाटन

jay kumar

खबरे आपकी आरा/बिहार: समाजिक संस्था “नई आशा” आरा के तत्वावधान में तीन दिवसीय ‘माता शबरी क्रिकेट टूर्नामेंट‘ का आयोजन वीर कुंवर सिंह स्टेडियम आरा में किया गया, जिसका उद्घाटन जिलाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा ने किया। स्वागत संस्था के संस्थापक डाॅ भीम सिंह भवेश एवं अध्यक्षता डॉ. कन्हैया बहादुर सिन्हा, अध्यक्ष फूटाब ने किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि जीवन में खेल का बहुत महत्व है। खेल शारीरिक एवम मानसिक विकास के साथ अनुशासन सिखलाता है। इस दरम्यान हाथ में झंडा एवं बैनर लिये सभी दस टीमों ने मार्च कर सलामी दिया। पहली बार मांझी समाज के युवाओं के बीच आयोजित इस टूर्नामेंट को लेकर उनके बीच काफी उत्साह था।

Mata Shabri cricket tournament: पहला मैच अलीपुर बनाम गडहा के बीच खेला गया

Mata Shabri cricket tournament
DM inaugurated Mata Shabri cricket tournament

विशिष्ट अतिथि श्री मयंक शेखर, क्षेत्रीय प्रबंधक, स्टेट बैंक, आरा थे। मौके पर पूर्व विधान पार्षद श्री लालदास राय, डीसीएएलआर मुकेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री प्रेमचंद, प्राचार्य डॉ नवीन कुमार, डाक अधीक्षक सिद्धेश्वर कुमार, डीपीओ कृष्ण मुरारी गुप्ता, राममूर्ति प्रसाद अध्यक्ष डीएफए भोजपुर, डा. एसके केडिया, डॉ एसके रूंगटा, डॉ अनिल सिंह, डीएवी. के प्राचार्य डाॅ अरुण कुमार सिंह, जाॅ पॉल स्कूल की निदेशक डॉ. मधु सिन्हा, श्री रवीन्द्र कुमार, डा नवीन कु सिंह, मुखिया अभय सिंह, श्री बालमिकी शर्मा, संजय सिंह, अशोक शर्मा, संजय कुमार, डीएसओ भोजपुर, मंटू सिंह, कुमार विजय, कुमार मंगलम, सुधीर सिंह, नीरज कुमार सिंह, मो. शमशाद, रजनीश पांडेय, अंजली पान्डेय आदि थे।

मंच संचालन पवन सत्यार्थी ने किया। टूर्नामेंट का पहला मैच अलीपुर बनाम गडहा के बीच खेला गया, जिसमे 19 रन से अलीपुर विजई हुआ। दूसरा मैच हरिगाव बनाम मिश्रौलिया के बीच हुआ। दो विकेट से हरिगांव विजय प्राप्त की। तीसरा मैच कटरिया बनाम गीधा के बीच हुआ, जिसमे 21 रन से गीधा विजयी रहा। सारे मैच 10 ओवर का हुआ। अंपायर अनीश, ऋतिक उपाध्याय, शिवम एवं कुणाल थे। स्कोरर कुंदन राज सिंह थे। मैच के अंत तक स्टेडियम में काफी संख्या में दर्शक जमे हुए थे।

Bijay singh

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