Samrat Statement: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हरे गमछे वाले बयान ने राज्य की सियासत को गर्म कर रखा है, जिस पर तेजस्वी यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए निशाना साधा है।
- हाइलाइट: Samrat Statement
- एआई से कह दिया जाए तो हरा गमछा वालों को तुरंत पकड़ लेगा- सीएम
- सरकार के नुमाइंदों के मन में विपक्ष के प्रति केवल नफरत भरी हुई है- तेजस्वी
24 मई, पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों बयानों का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हरे गमछे वाले बयान ने राज्य की सियासत को गर्म कर रखा है, जिस पर तेजस्वी यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए निशाना साधा है। सम्राट चौधरी के उस बयान को लेकर तेजस्वी यादव काफी आक्रामक दिखे, जिसमें उन्होंने हरे रंग के गमछे को लेकर टिप्पणी की थी। तेजस्वी यादव का मानना है कि यह बयान न केवल अमर्यादित है, बल्कि यह सरकार की संकीर्ण मानसिकता को भी दर्शाता है।
पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए तेजस्वी ने साफ तौर पर कहा कि एक जिम्मेदार संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की बयानबाजी शोभा नहीं देती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के नुमाइंदों के मन में विपक्ष के प्रति केवल नफरत भरी हुई है और वे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं।
Samrat Statement : तेजस्वी ने बताया आधारहीन बयानबाजी
तेजस्वी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि राज्य की जनता अब इन सब बातों को अच्छी तरह समझ चुकी है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर असली मुद्दों पर चर्चा कब होगी? उन्होंने कहा कि बिहार की जनता जानना चाहती है कि राज्य का खजाना खाली क्यों है? महिलाओं को मिलने वाली सहायता राशि की दूसरी किश्त के बारे में कोई स्पष्टता क्यों नहीं है? इसके अलावा, बिजली की दरों में लगातार की जा रही बढ़ोतरी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार बुनियादी समस्याओं पर काम करने के बजाय केवल आधारहीन बयानबाजी में अपना समय व्यर्थ कर रही है।
जन्मदिन के आयोजन पर दिल्ली में विपक्षी एकजुटता की दिखेगी बड़ी तस्वीर
इस राजनीतिक गहमागहमी के बीच, लालू प्रसाद यादव अपनी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के साथ पटना से दिल्ली रवाना हो चुके हैं। 27 मई को तेजस्वी यादव के बेटे के पहले जन्मदिन का आयोजन किया जा रहा है, जिसे लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। हालांकि, इस आयोजन के बहाने विपक्षी एकजुटता की एक बड़ी तस्वीर भी देखने को मिल सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, लालू यादव के दिल्ली स्थित आवास पर होने वाले इस कार्यक्रम में विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में विपक्ष की रणनीति और उनके आपसी तालमेल पर देशभर की निगाहें टिकी रहेंगी।

