Power cuts Shahpur: लगातार हो रही बिजली कटौती और बिभाग की अनदेखी के विरोध में अब शाहपुर के जागरूक नागरिकों ने लामबंद होना शुरू कर दिया है।
- हाइलाइट: Power cuts Shahpur
- विद्युत आपूर्ति में सुधार की मांग को लेकर स्थानीय स्तर पर बैठकों का दौर शुरू
- बढ़ती गर्मी और कटती बिजली के कारण उपभोक्ताओं का धैर्य अब जवाब देने लगा
आरा। बढ़ती गर्मी और अनिश्चित बिजली आपूर्ति से त्रस्त शाहपुर के उपभोक्ताओं का धैर्य अब जवाब देने लगा है। भीषण गर्मी के बीच बिजली की आंख मिचौली ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। स्थिति यह है कि शाम के समय, व रात 10 बजे तक बिजली की लुकाछिपी लोगों को परेशान कर रही है, तो रात के समय बिजली की लंबी कटौती आम लोगों की नींद हराम कर रही है।
शाहपुर के उपभोक्ताओं का कहना है कि शाम ढलते ही बिजली की स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। बिजली विभाग की ओर से लोड सेडिग का मैसेज तो भेजा जाता है, लेकिन आने का कोई समय-सीमा नहीं बताया जाता। आपूर्ति का कोई निश्चित समय न होने के कारण गृहणियों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बिजली कब आएगी और कब जाएगी, यह अनिश्चितता लोगों के लिए मानसिक परेशानी का बड़ा कारण बनी हुई है।
Power cuts Shahpur: उपभोक्ताओं में गहरा आक्रोश
इस समस्या के प्रति विभाग की उदासीनता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बिजली संबंधी शिकायतों के लिए बनाया गया व्हाट्सएप ग्रुप केवल ऐडमिन द्वारा सूचनाओं के आदान-प्रदान का माध्यम बनकर रह गया है, लोग अपनी व्यथा सोशल मीडिया और अन्य संबंधित ग्रुप्स में साझा तो कर रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान निकालने के बजाय उन्हें केवल यहां के जनप्रतिनिधियों से सांत्वना मिल रहे हैं। निरंतर बढ़ती बिजली कटौती से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
लगातार हो रही बिजली कटौती और बिभाग की अनदेखी के विरोध में अब शाहपुर के जागरूक नागरिकों ने लामबंद होना शुरू कर दिया है। स्थिति को नियंत्रित करने और विद्युत आपूर्ति में सुधार की मांग को लेकर स्थानीय स्तर पर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। इन बैठकों में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि आने वाले कुछ दिनों में बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो स्थानीय लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। निवासियों ने चेतावनी दी है कि विद्युत बिभाग की ओर से सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो अब शिकायतों का दौर खत्म होकर जन आंदोलन का दौर शुरू होगा।


