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शाहपुर में अतिक्रमण पर प्रश्नचिह्न : गरीबों पर सख्ती, प्रभावशाली पर नरमी

Encroachments in Shahpur: शाहपुर नगर क्षेत्र में इन दिनों अतिक्रमण हटाओ अभियान चर्चा का विषय बना हुआ है। बनाही रोड में गरीब व्यक्ति की सरकारी दुकान को बिना किसी नोटिस के हटा दिया गया।

  • हाइलाइट: Encroachments in Shahpur
    • भोजपुर डीएम के पत्र में शाहपुर बाजार एवं बनाही रोड से अतिक्रमण हटाने का निर्देश
    • नगर प्रशासन द्वारा शाहपुर बाजार से अतिक्रमण हटाने की कोई कारवाई नहीं की गई
    • शाहपुर के राष्ट्रीय राजमार्ग-NH-84 के मध्य भाग में दोनों तरफ बुलडोजर चलाया गया
    • बनाही रोड में अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत सरकारी दुकान को भी नहीं छोड़ा

भोजपुर, बिहार। अतिक्रमण हटाओ अभियानों को एक सुविचारित, न्यायसंगत और समान नीति के तहत संचालित किया जाना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी नागरिक, चाहे वे किसी भी आर्थिक या सामाजिक पृष्ठभूमि के हों, कानून की नजर में समान हों और किसी को भी अनुचित तरीके से निशाना न बनाया जाए। लेकिन भोजपुर जिले के शाहपुर नगर पंचायत में प्रशासन द्वारा चार दिन पूर्व चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान से स्थानीय निवासियों के बीच गहरा असंतोष है। स्थानीय लोगों ने नगर प्रशासन पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में दोहरे मापदंड अपनाए हैं। उनके अनुसार, यह अभियान विशेष रूप से गरीब और कमजोर वर्ग के परिवारों के आशियानों और सरकारी दुकानों को निशाना बनाने तक ही सीमित रहा, जहाँ उनके स्थायी-अस्थायी ढाँचों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। इन परिवारों को बेघर कर दिया गया और उनकी आजीविका के साधनों को समाप्त कर दिया गया। इसके विपरीत, प्रभावशाली और धनी व्यक्तियों पर केवल नाममात्र की कार्रवाई की गई। लोगों का आरोप है कि यहां केवल कोरम पूरा किया गया, उनके अतिक्रमण को जस का तस छोड़ दिया गया, जिससे आम जनता में गहरा रोष व्याप्त है।

भेदभाव के इस आरोप को पुष्ट करने के लिए, निवासियों ने शाहपुर के राष्ट्रीय राजमार्ग-84 (NH-84) पर की गई कार्रवाई का उदाहरण दिया है। उनके अनुसार, राजमार्ग के केवल मध्य भाग में बुलडोजर चलाया गया, जबकि इसके पूर्वी और पश्चिमी किनारों पर स्थित अतिक्रमणों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया। यदि प्रशासन का उद्देश्य वास्तव में सार्वजनिक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त करना था, तो यह चयनात्मक कार्रवाई समझ से परे है और भेदभाव के आरोपों को बल देती है। भोजपुर डीएम के पत्र को देखे तो इसमे स्पष्ट रूप से शाहपुर बाजार एवं बनाही रोड से अतिक्रमण हटाने का निर्देश है। लेकिन शाहपुर बाजार से अतिक्रमण हटाने की कोई गंभीर कारवाई नहीं की गई।

Encroachments in Shahpur: गरीब के सरकारी दुकान को भी नहीं छोड़ा

शाहपुर नगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान चर्चा का विषय बना हुआ है। गरीब व्यक्ति की सरकारी दुकान को बिना किसी नोटिस के हटा दिया गया, जिससे उसके समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इस कार्रवाई ने स्थानीय निवासियों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं, विशेषकर तब जब प्रभावशाली व्यक्तियों और बड़े कारोबारियों द्वारा किए गए अतिक्रमणों पर केवल नाममात्र की या प्रतीकात्मक कार्रवाई ही देखने को मिल रही है।

गरीबों पर सख्ती, प्रभावशाली पर नरमी

यह विडंबना है कि जहाँ एक ओर कमजोर वर्ग के छोटे-मोटे अतिक्रमणों पर कठोरता से कार्रवाई की जाती है, वहीं दूसरी ओर शक्तिसंपन्न लोगों के बड़े अतिक्रमणों को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है, या उन पर केवल दिखावटी कार्यवाही की जाती है। इस प्रकार की भेदभावपूर्ण नीति न्याय और समानता के सिद्धांतों के विपरीत है। स्थानीय प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य होना चाहिए, न कि केवल विशेष वर्ग के लिए।

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