Munni Devi upset: शाहपुर प्रखंड के जवइनिया में कटाव निरोधी कार्यों में अनियमितता का मामला: पूर्व विधायक मुन्नी देवी ने मुख्यमंत्री से स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
- हाइलाइट: Munni Devi upset
- बाढ़ सुरक्षा के साथ खिलवाड़
- ब्लैकलिस्टेड कंपनी को कार्य का जिम्मा
- सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल
- एकरारनामा बढ़ा जानबूझकर विलंब का आरोप
आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड अंतर्गत जवइनिया में गंगा नदी के कटाव को रोकने के लिए किए जा रहे कार्यों में भारी अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। शाहपुर की पूर्व विधायक मुन्नी देवी ने इन निर्माण कार्यों में धांधली का दावा करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक पत्र लिखकर पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पूर्व विधायक द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कई गंभीर बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं। मुन्नी देवी ने आरोप लगाया कि अल्पकालीन निविदा संख्या 02/2025-26 एवं एजेंडा संख्या 244/30/2026 के अंतर्गत संचालित इन कार्यों में विभागीय नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने प्रमुख रूप से सिंधुजा इंजीनियर्स एंड कॉन्ट्रैक्टर नामक निर्माण कंपनी को कार्य आवंटन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। पूर्व विधायक का कहना है कि पूर्व में ब्लैकलिस्टेड रहने और जीएसटी बकाया होने के बावजूद उक्त कंपनी को कार्य का जिम्मा सौंपना विभागीय मिलीभगत को दर्शाता है।
पत्र में तकनीकी विसंगतियों का भी उल्लेख किया गया है। मुन्नी देवी ने बताया कि निविदा में कार्य पूर्ण करने की निर्धारित तिथि 15 मई 2026 है, जबकि आधिकारिक एकरारनामा में इसे बढ़ाकर 15 जुलाई 2026 कर दिया गया है। उन्होंने तर्क दिया है कि जुलाई माह में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कटाव की स्थिति विकट हो जाती है, ऐसे में कार्य अवधि का विस्तार करना लापरवाही है।
Munni Devi upset : पूर्व विधायक ने कई सवाल उठाए
सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी पूर्व विधायक ने कड़े सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों से प्राप्त शिकायतों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर मानकों के विपरीत बालू के स्थान पर मिट्टीयुक्त बालू का उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही, प्राक्कलन में मिर्जापुर के बोल्डर के प्रावधान के स्थान पर मध्य प्रदेश के रीवा से मंगवाए गए निम्न गुणवत्ता के बोल्डर का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन अनियमितताओं की सूचना देने के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
जिला पदाधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का भी पालन नहीं होने की बात कही गई है। ज्ञात हो कि डीएम ने कार्यस्थल पर प्रतिदिन 800 मजदूरों को लगाने का निर्देश दिया था, जिसका अनुपालन सुनिश्चित नहीं हो रहा है। पूर्व विधायक ने आशंका जताई है कि कार्य में जानबूझकर विलंब किया जा रहा है ताकि मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने पर उत्पन्न होने वाली विकट स्थिति का अनुचित लाभ उठाया जा सके।
पूर्व विधायक मुन्नी देवी ने इस पूरे प्रकरण को जनता के पैसों की बर्बादी और बाढ़ सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करार दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से इसकी जांच कराई जाए, ताकि दोषी संवेदक पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित हो सके और जवइनिया के निवासियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो।

