Gajrajganj: मानवता को शर्मसार करती घटना, झाड़ी में रोता मिला दो माह का मासूम; पुलिस ने पेश की मानवीय मिसाल
- हाइलाइट:Gajrajganj
- समाज के निष्ठुर चेहरे ने मानवता को किया शर्मसार
- सड़क किनारे झाड़ी से रोता-बिलखता मिला बच्चा, सनसनी
आरा। भोजपुर जिले के गजराजगंज थाना क्षेत्र से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने सामाजिक संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। मंगलवार की दोपहर आरा-बक्सर फोरलेन पर स्थित एक निजी रेस्टोरेंट के समीप सड़क किनारे झाड़ियों में एक दो माह का नवजात बच्चा लावारिस हालत में रोता-बिलखता पाया गया। इस घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई और मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर जब कुछ ग्रामीण उस मार्ग से गुजर रहे थे, तब उन्हें झाड़ियों की ओर से किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। समीप जाकर देखने पर ग्रामीणों को एक मासूम बच्चा लावारिस अवस्था में पड़ा मिला। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना गजराजगंज ओपी पुलिस को दी।
Gajrajganj: कर्तव्य के साथ-साथ मानवीय धर्म निभाया
सूचना प्राप्त होते ही पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची सब-इंस्पेक्टर (एसआई) सोनी कुमारी ने अपने कर्तव्य के साथ-साथ मानवीय धर्म का भी परिचय दिया। उन्होंने बिना देर किए मासूम बच्चे को अपनी गोद में उठाया और उसे उपचार हेतु आरा सदर अस्पताल के विशेष नवजात देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कराया। वर्तमान में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में बच्चे का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
गजराजगंज ओपी प्रभारी चंचल महथा ने घटना के संदर्भ में बताया कि पुलिस को दोपहर में ग्रामीणों द्वारा इस संबंध में सूचित किया गया था। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य में सुधार होने के पश्चात विभागीय प्रक्रिया पूरी कर बच्चे को बाल संरक्षण इकाई को सुपुर्द कर दिया जाएगा।
इधर, स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर विभिन्न चर्चाएं व्याप्त हैं। ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि सामाजिक लोक-लाज और बदनामी के डर से किसी के द्वारा मासूम को इस प्रकार असुरक्षित स्थिति में झाड़ियों में फेंक दिया गया। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।


