Kargil Vijay Diwas: अतिथियों, निदेशक एवं प्राचार्या द्वारा पूर्व सैनिकों एवं वीरांगनाओं को अंग वस्त्र देकर किया सम्मानित
- हाइलाइट: Kargil Vijay Diwas
- संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के जुबली हॉल में आयोजित हुआ कार्यक्रम
आरा। शहर के शुभ नारायण नगर मझौंवा स्थित “शान्ति स्मृति” सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय के जुबली हॉल में रविवार को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पूर्व सैनिकों एवं वीरांगनाओं का सम्मान समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन लेफ्टिनेंट जनरल एस.के. सिंह, मुख्य अतिथि कर्नल पुनीत श्रीवास्तव (कमांडिंग ऑफिसर 5 बिहार बटालियन एनसीसी, भोजपुर), कर्नल राणा प्रताप सिंह (अध्यक्ष पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड, भोजपुर), संभावना स्कूल के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र किरण एवं प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
संचालन शैक्षणिक प्रभारी अरविन्द ओझा ने किया। सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा कारगिल शहीद स्मारक की प्रतिकृति पर पुष्प अर्पित कर अमर जवानों को श्रद्धांजलि दी। तत्पश्चात विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत की प्रस्तुति दी गई। इस मौके पर निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र एवं प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने अतिथियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। तत्पश्चात आगत अतिथियों, निदेशक एवं प्राचार्या द्वारा पूर्व सैनिकों एवं वीरांगनाओं को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। देशभक्ति समूह गान विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया।
उद्घाटनकर्ता लेफ्टिनेंट जनरल एस.के. सिंह ने कहा कि संभावना विद्यालय से मेरा दिल से लगाव है। बच्चों के चरित्र विश्व बनाने में इस विद्यालय का योगदान अनुकरणीय है। मैं पूर्व सैनिकों एवं वीरांगनाओं के सहयोग के लिए हमेशा खड़ा हूॅं, पूर्व सैनिकों एवं वीरांगनाओं की जो भी समस्या है। वह हमसे निःसंकोच मिलकर कर सकते हैं।
Kargil Vijay Diwas : “कुछ याद उन्हें भी कर लो, जो लौट के घर न आए…”
मुख्य अतिथि फाइव बिहार बटालियन एनसीसी भोजपुर के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पुनीत श्रीवास्तव ने कहा कि कारगिल विजय के 27 साल हो गए। उन बीते सालों में कई यादें पीछे छूट गई है। देशभक्ति गीत “कुछ याद उन्हें भी कर लो, जो लौट के घर न आए…” सुनकर मन में अजीब भावना उत्पन्न होती है। आज शहीद जवानों की वीरांगनाओं और उनकी माताओं के त्याग को याद करने का दिन है।
अध्यक्षता करते हुए कर्नल राणा प्रताप सिंह ने कहा कि 26 जुलाई को प्रतिवर्ष संभावना स्कूल द्वारा सम्मान समारोह आयोजित होता है। विद्यालय परिवार द्वारा हमलोगों को सम्मानित कर मनोबल बढ़ाया जाता है। एनसीसी के सीएचएम प्रशांत कुमार ने कहा कि फौजी की दुनिया अलग है, जो सिविल से भिन्न है, उन्होंने कहा कि फौजी अपना परिवार छोड़कर सरहद पर डटा रहता है, तो आप सभी का भी कर्तव्य बनता है कि उनके माता-पिता और परिवार को सम्मान दें।
स्वागत भाषण देते हुए प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि भारत वंदन और अभिनंदन की भूमि है। तर्पण और अर्पण की भूमि है। सरहद पर खड़े होकर हमारे सैनिक देश की सेवा करते हैं। हमें भी कर्तव्यनिष्ठ होकर देश की सेवा करनी चाहिए। विद्यालय परिवार दस वर्षों से कारगिल विजय दिवस पर कार्यक्रम करते आ रहा है। आगे भी यह कार्यक्रम चलता रहेगा।
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र ने कहा कि विद्यालय कारगिल दिवस के मौके पर आपको सम्मान देकर विद्यालय खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। वीरांगनाओं और पूर्व सैनिकों ने यहां आकर विद्यालय का सम्मान बढ़ाया है। कार्यक्रम का समापन ‘वंदे मातरम’ के साथ हुआ।
इस मौके पर एनसीसी के मेजर राकेश कुमार, प्रशांत कुमार, एनसीसी के एएनओ प्रवीण कुमार, रामनवमी शोभा यात्रा समिति के शंभू चौरसिया, उप प्राचार्य ऋषिकेश ओझा, राजेश रमन, कला शिक्षक विष्णु शंकर, संजीव सिन्हा, जयशंकर, अंकित मिश्र, एनसीसी की सीटीओ शिलू, कन्हैया सिंह एवं एनसीसी के सभी कैडेट्स मौजूद थे।

