Bihar Bandh: नीट पेपर लीक कांड और छात्रों पर हो रहे दमन के विरोध में आहूत बिहार बंद का भोजपुर जिले में दिखा व्यापक असर
- हाइलाइट: Bihar Bandh
- भोजपुर जिले में यह बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी रहा
- आरा शहर के विभिन्न इलाकों की दुकाने रही बंद
- पेट्रोल पंप पर भी लटका रहा ताला,इमरजेंसी सेवाएं चालू दिखी
- आइसा, आरवाईए एवं भाकपा (माले) के नेतृत्व में सड़कों पर उतरे छात्र
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर की जमकर नारेबाजी
- बंद को लेकर शहर में चाक-चौबंद दिखा पुलिस- प्रशासन
- बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन के पास भारी संख्या में पुलिस बल की रही तैनाती
आरा। नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं, पेपर लीक मामले, दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ हुई बर्बरतापूर्ण कार्रवाई और 22 जुलाई को पटना में प्रदर्शनकारी छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में आइसा, आरवाईए एवं भाकपा (माले) द्वारा आहूत बिहार बंद का असर भोजपुर जिले में पूरी तरह प्रभावी रहा। इस बंद के माध्यम से छात्रों और इन संगठनों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार के प्रति अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।
बंद के दौरान आरा शहर का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। सुबह होते ही शहर के मुख्य व्यावसायिक केंद्रों, बाजार और विभिन्न इलाकों की दुकानें बंद रहीं। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही नगण्य रही, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप्प दिखाई दी। शहर के प्रमुख पेट्रोल पंपों पर भी ताले लटके रहे, जिससे वाहन चालकों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। हालांकि, आम जनमानस की सुविधा को देखते हुए दवा की दुकानों और एम्बुलेंस जैसी इमरजेंसी सेवाओं को बंद के दायरे से बाहर रखा गया था और ये सेवाएं सुचारू रूप से संचालित होती दिखीं।
Bihar Bandh : आरा में छात्रों का जत्था सड़कों पर उतर आया
आंदोलन के क्रम में आइसा, आरवाईए और भाकपा (माले) के छात्रों का जत्था सड़कों पर उतर आया। इन छात्रों ने शहर के विभिन्न मार्गों से जुलूस निकालकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी छात्रों ने शहर के बस स्टैंड के समीप सड़क को जाम कर दिया और सरकार विरोधी नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस बंद और प्रदर्शन का नेतृत्व अगिआंव के पूर्व विधायक शिव प्रकाश रंजन, आरा लोकसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी राजू यादव, आरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी कयामुद्दीन अंसारी और माले नेता सह अधिवक्ता अमित कुमार बंटी ने संयुक्त रूप से किया।
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग बेहद सतर्क और मुस्तैद दिखा
बंद को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग बेहद सतर्क और मुस्तैद दिखा। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने जगह-जगह दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की थी। रेलवे स्टेशन के पास आरपीएफ इंस्पेक्टर दीपक कुमार और जीआरपी थानाध्यक्ष सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे, जबकि सरदार पटेल बस स्टैंड के निकट नवादा थानाध्यक्ष विपिन बिहारी अपने दलबल के साथ पूरी तरह मुस्तैद रहे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
प्रदर्शन के दौरान भाकपा (माले) के नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि नीट पेपर लीक के जरिए देश के लाखों मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठा रहे छात्रों पर दमनकारी कार्रवाई की गई है।
नेताओं ने पटना में 22 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सरकार सच की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। माले नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक नीट पेपर लीक मामले के जिम्मेदार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
माले नेताओं ने यह भी जानकारी दी कि छात्रों की आवाज बुलंद करने वाले विधायक संदीप सौरव समेत अन्य कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को पुलिस ने शुक्रवार की रात ही हिरासत में ले लिया था, जो सरकार की तानाशाही प्रवृत्ति को दर्शाता है। कुल मिलाकर, भोजपुर जिले में यह बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी रहा।

