Bihiya Students: पूरे मार्च के दौरान ‘नीट पेपर लीक बंद करो’, ‘शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो’ और ‘छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो’ जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
- हाइलाइट: Bihiya Students
- नीट पेपर लीक मामला: बिहिया में छात्रों का महासंग्राम
- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के साथ सड़कों पर उतरे युवा
आरा। भोजपुर जिले के बिहिया में शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन का गवाह बना। नीट (NEET) परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक जैसी गंभीर अनियमितताओं के खिलाफ हजारों छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए। यह प्रदर्शन न केवल स्थानीय स्तर पर सीमित रहा, बल्कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे राष्ट्रीय आंदोलन के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों पर सीधा प्रहार किया। बिहिया नगर में इस विशाल मार्च ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश का युवा अब अपनी योग्यता और भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को और अधिक बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
Bihiya Students : मां महथिन के आशीर्वाद लेकर निकले छात्र
प्रदर्शन की शुरुआत बिहिया स्थित मां महथिन मंदिर परिसर से हुई। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज, महापुरुषों के चित्र और अपनी मांगों को बुलंद करती तख्तियां लिए छात्र-छात्राओं का सैलाब सड़कों पर दिखा। पूरे मार्च के दौरान ‘नीट पेपर लीक बंद करो’, ‘शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो’ और ‘छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो’ जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। छात्रों का साफ कहना था कि कड़ी मेहनत और लगन से तैयारी करने वाले लाखों मेधावी छात्रों के सपनों पर पेपर लीक माफियाओं ने पानी फेर दिया है। वे केंद्र सरकार से निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में आमूलचूल पारदर्शिता लाने की मांग कर रहे थे।
जब बिहिया राजा बाजार चौक पर एकत्रित हुए छात्र

आंदोलन की तीव्रता उस समय और बढ़ गई जब छात्र राजा बाजार चौक पर एकत्रित हुए। यहां विरोध प्रदर्शन ने एक उग्र रूप ले लिया, जहाँ आक्रोशित छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान टायर जलाकर आगजनी भी की गई, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। छात्रों का तर्क था कि शिक्षा मंत्री की विफलताओं के कारण देश में एक के बाद एक परीक्षाओं के पेपर लीक होना एक सामान्य प्रक्रिया बन गई है, जो सीधे तौर पर युवाओं के मनोबल को तोड़ने का काम कर रही है।
छात्रों की वर्षों की मेहनत केवल एक पेपर लीक होने से बर्बाद
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि एक गरीब परिवार का विद्यार्थी किस प्रकार कर्ज लेकर और अत्यधिक कठिनाइयों के बीच अपने बच्चों को शिक्षा के लिए संसाधन उपलब्ध कराता है। छात्र सौरभ कुमार ने कहा कि छात्रों की वर्षों की मेहनत केवल एक पेपर लीक होने से बर्बाद हो जाती है, जिसका जवाबदेही तय करना सरकार का नैतिक कर्तव्य है।
छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया
आंदोलन में छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और एक संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि न्याय की मांग के लिए सड़कों पर उतरना उनकी मजबूरी बन गई है। छात्राओं ने कहा कि हमें पढ़ाई करनी चाहिए, लेकिन आज हम अपने भविष्य को बचाने के लिए शासन-प्रशासन के सामने खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होगा और दोषियों को सख्त सजा नहीं दी जाएगी, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
जब हमें बाहरी ताकतों ने लूटा था…
छात्र नेता रितिक रोशन सिंह ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज की स्थिति उस दौर से भी बदतर हो गई है, जब हमें बाहरी ताकतों ने लूटा था। उन्होंने कहा कि आज देश की व्यवस्था के भीतर बैठे लोग ही छात्रों के भविष्य को लूट रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नैतिक आधार पर तुरंत अपना इस्तीफा दे देना चाहिए। छात्रों का स्पष्ट मानना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं की आवाज को दबाने के लिए किया जा रहा लाठीचार्ज और दमनकारी नीतियां इस असंतोष को और अधिक बढ़ावा देंगी।
भारी पुलिस बल की रही तैनाती
बिहिया में छात्रों के इस विशाल प्रदर्शन के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। भारी पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए। हालांकि, छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें अविलंब पूरी नहीं की गईं और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इस आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा।

