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नई आशा द्वारा सिलाई सह पढ़ाई केंद्र का शुभारंभ

Kasap: कसाप पंचायत सरकार भवन में ‘नई आशा’ द्वारा सिलाई सह पढ़ाई केंद्र का उद्घाटन: शिक्षा और आत्मनिर्भरता की नई पहल

  • हाइलाइट: Kasap
    • शिक्षा रोजगार के साथ जीवन जीने की कला सिखाती है- प्रद्युम्न गौरव
    • हुनर सिखने से जीवन में होती है सहुलियत- हिमानी सिंह

आरा/उदवंतनगर। कसाप पंचायत सरकार भवन में सामाजिक संस्था ‘नई आशा’ द्वारा मां करणी प्रसाद के सौजन्य से संचालित मान कंवर सिलाई सह पढ़ाई केंद्र का भव्य उद्घाटन किया गया। यह पहल महादलित समुदाय की महिलाओं और युवतियों को शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रद्युम्न गौरव (भा.व.से.), वन प्रमंडल पदाधिकारी, भोजपुर सह बक्सर, ने अपने संबोधन में शिक्षा के व्यापक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “पढ़ाई केवल नौकरी नहीं देती, बल्कि जीने की कला सिखलाती है और आत्मविश्वास जगाती है।” श्री गौरव ने महादलित महिलाओं, युवतियों एवं अभिभावकों से पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ रोजगारपरक कार्यों में संलग्न होने की अपील की। उन्होंने सिलाई केंद्र को एक उत्कृष्ट माध्यम बताते हुए कहा कि इससे सिलाई-कढ़ाई सीखकर वे बेहतर जीवन जी सकती हैं।

पटना से आईं समाजसेवी हिमानी सिंह ने महादलित समुदाय में शिक्षा और स्वच्छता की अनिवार्यता पर जोर दिया। उन्होंने ‘नई आशा’ के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। जिला कल्याण पदाधिकारी नवीन कुमार ने शिक्षा को “किस्मत के हर तालों को खोलने वाली चाबी” बताया। उन्होंने जिला प्रशासन के उस संकल्प को दोहराया जिसके तहत कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ महादलित परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा रहा है।

प्रखंड विकास पदाधिकारी कर्पूरी ठाकुर ने महादलित टोला में सरकार प्रायोजित 22 योजनाओं के कार्यान्वयन की जानकारी दी। उन्होंने शौचालय निर्माण हेतु भूमि उपलब्धता पर त्वरित सहायता का आश्वासन दिया और पद्मश्री भीम सिंह ‘भवेश’ के प्रयासों की सराहना करते हुए इसमें समाज के हर वर्ग के सहयोग की आवश्यकता बताई।

Kasap: ‘नई आशा’ के संरक्षक पद्मश्री डॉ. भीम सिंह भवेश

सिलाई केंद्र के खुलने से लाभुकों में अत्यधिक उत्साह देखा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ‘नई आशा’ के संरक्षक पद्मश्री डॉ. भीम सिंह भवेश ने मुसहर जाति के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने बताया कि सिलाई सह पढ़ाई केंद्र से युवतियां न केवल सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, बल्कि साक्षर भी हो रही हैं। उन्होंने दोहराया कि महादलित बच्चों को शिक्षा, स्वच्छता के साथ ही रोजगारपरक बनाना संस्था का प्रमुख उद्देश्य है।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर जीविका के बीपीएम विनय सिन्हा, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, स्वच्छता पर्यवेक्षक उत्तम कुमार, संजीव कुमार वर्मा, लाल बिहारी राम, प्रमोद कुमार, अमीर राम, गोलू कुमार, सिद्धेश्वर राम सहित कई विकास मित्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में बबन सिंह ने उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। यह केंद्र महादलित समुदाय के लिए आत्मनिर्भरता और उज्जवल भविष्य की एक नई किरण लेकर आया है।

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