Monday, December 8, 2025
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पति ही निकला पत्नी का कातिल, विरोधी को फंसाने के लिये कर दी थी हत्या

Komal Tola Narayanpur Bhojpur – कोमल टोला हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, पति गिरफ्तार

मृत महिला के मोबाइल के सहारे पुलिस ने खोला हत्या का राज

पैसे देने से बचने को रची विरोधियों को फंसाने की साजिश

Komal Tola Narayanpur Bhojpur आरा। भोजपुर के नारायणपुर थाना क्षेत्र के कोमल टोला निवासी आशा देवी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। आशा देवी का पति हरेंद्र सिंह ही उसका असली कातिल निकला। अपने विरोधियों को फंसाने के लिये उसने घर में सो रही पत्नी को गोली मार दी थी। इस मामले में हरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। मोबाइल के जरिये पुलिस उस तक पहुंच गयी। एसपी हर किशोर राय द्वारा इसकी जानकारी दी गयी। उन्होंने बताया कि हरेंद्र सिंह ने हत्या करने की बात कबूल ली है। पूछताछ में हरेंद्र सिंह ने पत्नी को गोली मारने के बाद उसने पिस्टल और खोखा नहर में फेंक देने की बात स्वीकार की है। उसे लेकर तलाशी भी की गयी। हालांकि पिस्टल बरामद नहीं हो सकी है। एसपी ने बताया कि हरेंद्र सिंह ने गांव के ही राकेश यादव और राजेंद्र यादव से पैसे लिये थे। राकेश और राजेंद्र यादव अपने पैसे की मांग हरेंद्र सिंह से कर रहे थे। इसको लेकर विवाद चल रहा था। इधर, आर्थिक तंगी के कारण हरेंद्र सिंह पैसे देने में असमर्थ था। इसे लेकर उसने राजेंद्र यादव व राकेश यादव को फंसाने की साजिश रची थी। इसके तहत उसने पत्नी के मोबाइल से ही अपने नंबर पर रंगदारी मांगने वाला मैसेज कर रहा था। इसी दौरान बीते एक नवंबर की रात उसका अपनी पत्नी से विवाद हो गया। उसके बाद उसने पत्नी को गोली मार दी। उसके बाद पत्नी को मोबाइल को आरोपितों का बताने लगा। बाद में मोबाइल पुलिस को भी सौंप दिया था। एसपी के अनुसार केस का खुलासा करने में पीरो एसडीपीओ अशोक कुमार आजाद और नारायणपुर थानाध्यक्ष निकुंज भूषण की भूमिका सराहनीय रही है। 

ससुर के मोबाइल और चोरी के सिम से रंगदारी वाला भेज रहा था मैसेज 

Komal Tola Narayanpur Bhojpur आरा। कोमल टोला निवासी हरेंद्र सिंह अपने ही जाल में फंस गया। उसने जिस मोबाइल के जरिये साजिश रची, उसी के सहारे पुलिस उस तक पहुंच गयी। एसपी हर किशोर राय ने बताया कि हरेंद्र सिंह द्वारा राकेश यादव और राजेंद्र यादव को फंसाने के लिये ससुर के मोबाइल और चोरी के सिम के सहारे अपने नंबर पर रंगदारी वाला मैसेज भेज रहा था। इसके लिये उसने कुछ माह पहले अपने ही गांव के व्यक्ति का सिम चुराया था। उसके बाद वह अपने नंबर पर मैसेज भेजने लगा था। पहला मैसेज 14 सितंबर और दूसरा एक नवंबर को भेजा था। आशा देवी को गोली मारने के बाद हरेंद्र सिंह द्वारा पुलिस को दिये गये मोबाइल के सीडीआर से इस बात का खुलासा हुआ। एसपी ने बताया कि घटना के बाद हरेंद्र सिंह ने पुलिस को एक मोबाइल सौंपा था। तब उसने मोबाइल आरोपितों का बताया था। उसने बताया था कि भागने के क्रम में आरोपितों का मोबाइल गिर गया। उसके बाद उस मोबाइल की सीडीआर निकाली गयी। उसमें दो सिम काम करने की जानकारी मिली। करीब छह माह पहले कैथी-कच्छवा के एक व्यक्ति के नाम से सिम काम कर रहा था। उसकी जांच की गयी, तो वह व्यक्ति हरेंद्र सिंह का ससुर निकला। जबकि दूसरा सिम कोमल टोला गांव के एक व्यक्ति का मिला। उस आधार पर हरेंद्र सिंह को रविवार की रात गिरफ्तार कर लिया गया। कड़ाई से पूछताछ में उसने सारी कहानी बता दी। 

घरेलू विवाद के बाद नशे की हालत में पत्नी को मारी थी गोली

Komal Tola Narayanpur Bhojpur आरा। पुलिस के अनुसार कोमल टोला निवासी हरेंद्र सिंह फिलहाल आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उस पर राकेश यादव और राजेंद्र यादव अपने डेढ़ लाख रुपये मांग रहे थे। इससे वह काफी परेशान हो चुका था। पैसे चुकाने के लिये वह अपनी गाड़ी बेचना चाह रहा था। लेकिन संयुक्त परिवार में होने और गाड़ी में सभी का हिस्सा होने से इसमें वह सफल नहीं हो रहा था। पुलिस की मानें तो उसकी जमीन का बंटवारा भी नहीं पाया था। इन्ही सारी बातों को लेकर एक नवंबर की रात उसकी अपनी पत्नी आशा देवी के साथ विवाद हो गया था। उसके बाद देर रात उसने नशे की हालत में पत्नी को गोली मार दी थी। सर में गोली लगने के कारण तीन रोज के बाद उसकी पत्नी की मौत हो गयी थी।

खिड़की से गोली मारे जाने का लगाया था आरोप

Komal Tola Narayanpur Bhojpur आरा। एक नवंबर की रात कोमल टोला निवासी आशा देवी को गोली मार दी गयी थी। गोली उसके सर में लगी थी। तब आशा देवी के पति हरेंद्र सिंह द्वारा गांव के ही राजेंद्र यादव और राकेश यादव पर रंगदारी नहीं देने पर गोली मारने का आरोप लगाया था। कहा गया था कि दोनों आरोपितों द्वारा दस लाख की रंगदारी की मांग की जा रही थी। नहीं देने पर खिड़की के सहारे दोनों पर गोली चलायी गयी थी। उसमें उसकी पत्नी को गोली लग गयी थी। बाद में इलाज के दौरान उसकी पत्नी की मौत हो गयी थी। उस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों को जेल भी भेज दिया था। हालांकि हत्या का खुलासा हो जाने के बाद पुलिस अब इस मामले में जेल भेजे गये राजेंद्र यादव और राकेश यादव को छुड़ाने का प्रयास करेगी।

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