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बिहिया में मीट-मछली विक्रेताओं ने दिया धरना

Meat and fish sellers Bihiya: 26 दुकानदारों को नए सिरे से लाइसेंस और दो मंजिला भवन में दुकान आवंटित करने की मांग, बिना रसीद रोजाना 25 रुपये वसूली का भी उठाया मामला

  • हाइलाइट:Meat and fish sellers Bihiya
  • मीट, मुर्गा और मछली विक्रेता संघ ने प्रखंड परिसर में दिया धरना।
  • जर्जर मार्केट की जगह दो मंजिला भवन और आधुनिक वधशाला बनाने की मांग।
  • लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होने और बिना रसीद रोजाना 25 रुपये वसूली का आरोप।

बिहिया/आरा : भोजपुर जिले के बिहिया प्रखंड परिसर में मंगलवार को मीट, मुर्गा और मछली विक्रेता संघ के तत्वावधान में धरना दिया गया। विक्रेताओं ने नगर की सब्जी मंडी स्थित जर्जर मीट मार्केट को तोड़कर उसी स्थान पर आधुनिक वधशाला और मीट-मछली विक्रेता मार्केट भवन बनाने की मांग की।

धरना के दौरान विक्रेताओं ने नगर के सभी 26 दुकानदारों को नए सिरे से अनुज्ञप्ति यानी लाइसेंस जारी करने और पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण करने की मांग उठाई। संघ की ओर से जिला पदाधिकारी, भोजपुर के नाम दो सूत्री मांगों का ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी अर्चना वर्मा को सौंपा गया।

Meat and fish sellers Bihiya: जर्जर भवन में कारोबार करने को मजबूर दुकानदार

Meat and fish sellers staged a protest in Bihiya.

धरना की अध्यक्षता मीट-मछली विक्रेता संघ के अध्यक्ष और लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के जिला उपाध्यक्ष श्याम कुमार मुन्नू ने की। संचालन मुन्ना कुरैशी ने किया। धरना में नगर के मीट-मछली विक्रेताओं के अलावा समाजसेवी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।

संघ अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान मीट मार्केट काफी जर्जर हो चुका है। दुकानदार इसी भवन में किसी तरह दुकान लगाकर कारोबार कर रहे हैं। जर्जर भवन के कारण दुकानदारों के साथ-साथ ग्राहकों को भी परेशानी होती है।

उन्होंने कहा कि इस स्थान पर लंबे समय से कारोबार होता आ रहा है। इसलिए विक्रेताओं को हटाकर दूसरी जगह भेजने के बजाय इसी जमीन पर नया भवन बनाया जाना चाहिए। यदि निर्माण कार्य के दौरान दुकानदारों को अस्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाता है, तो भवन निर्माण पूरा करने की समय-सीमा भी पहले से निर्धारित की जानी चाहिए।

सभी 26 दुकानदारों को दुकान आवंटित करने की मांग
विक्रेताओं ने जर्जर मार्केट की जगह दो मंजिला भवन बनाने और सभी 26 दुकानदारों को उसमें दुकान आवंटित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नए भवन में पानी, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि दुकानदारों और ग्राहकों को परेशानी नहीं हो।

संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।

बिना रसीद रोजाना 25 रुपये वसूली का आरोप

धरना में विक्रेताओं ने नगर पंचायत की ओर से रोजाना प्रति दुकानदार 25 रुपये वसूली का मामला भी उठाया। उनका आरोप है कि यह राशि बिना रसीद के ली जाती है, लेकिन इसके बदले दुकानदारों को कोई सुविधा नहीं मिलती।

विक्रेताओं ने मांग की कि यदि उनसे राशि ली जाती है तो उसके बदले मार्केट में पानी, सफाई, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

विक्रेताओं के समर्थन में बोले जनप्रतिनिधि
धरना को संबोधित करते हुए उप प्रखंड प्रमुख मुकेश यादव ने कहा कि वह मीट-मछली विक्रेताओं की मांगों के समर्थन में हैं। उन्होंने कहा कि इसी स्थान पर विक्रेताओं के लिए नया भवन बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नगर में शौचालय निर्माण के लिए अन्य स्थान उपलब्ध हैं। इसलिए मीट मार्केट की जमीन पर विक्रेताओं के लिए मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाया जाना चाहिए। उन्होंने नगर प्रशासन से विक्रेताओं को परेशान नहीं करने की अपील की।

मुकेश यादव ने कहा कि जरूरत पड़ने पर मांगों को लेकर अधिकारियों से भी मुलाकात की जाएगी। उनके अनुसार, इस स्थान पर आजादी से पहले से कारोबार होता आ रहा है। इसलिए इसी जमीन पर मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाकर दुकानदारों को दुकानें दी जानी चाहिए।

उन्होंने नए भवन में पानी और सफाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। शौचालय की व्यवस्था के लिए अलग स्थान और नियमों के अनुसार योजना बनाने की बात कही, ताकि कारोबार सुचारू रूप से चल सके।

लाइसेंस और जमीन को लेकर उठाए सवाल

संघ अध्यक्ष श्याम कुमार मुन्नू ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत भू-माफियाओं से सांठगांठ कर आजादी से पहले डुमरांव महाराज द्वारा आवंटित वधशाला की जमीन से विक्रेताओं को हटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि यह जमीन वर्तमान में अनावाद बिहार सरकार के नाम दर्ज है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1991 में तत्कालीन विधायक धर्मपाल सिंह की विधायक निधि से एक लाख 65 हजार रुपये की लागत से यहां वधशाला का शेड बनवाया गया था। अब यह शेड जर्जर हो चुका है।

संघ अध्यक्ष के अनुसार, पहले कई विक्रेताओं को लाइसेंस दिया गया था, लेकिन अब नए लाइसेंस जारी नहीं किए जा रहे हैं और पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण भी नहीं हो रहा है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से दो मंजिला भवन बनाकर सभी 26 दुकानदारों को दुकान आवंटित करने और अनुज्ञप्ति जारी करने की मांग की।

धरना में हरेन्द्र सिंह, मोहम्मद मुराद हुसैन, सियाराम यादव, रामबाबू गुप्ता, वार्ड पार्षद अजीत कुमार, रविंद्र प्रसाद, गुड्डू कुमार, बबलू कुमार, राहुल कुमार, मोहम्मद मुस्ताक कुरैशी और फारूक कुरैशी समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए।

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