MLA Rahul Tiwari said: आबकारी विभाग पुलिस टीम के जवान बिना स्थानीय थाने को सूचना दिए कहीं भी घुस जाते हैं। शाहपुर की घटना इसका उदाहरण है, जहाँ पुलिस कप्तान ने खुद कहा कि उन्हें इस ऑपरेशन की कोई जानकारी नहीं थी। राहुल तिवारी, विधायक (शाहपुर) भोजपुर
- हाइलाइट्स: MLA Rahul Tiwari said
- शराब नीति पर विधायक राहुल तिवारी का सीधा आरोप
- शराब नीति आबकारी विभाग के लिए “कमाने का धंधा” बन गई है। वे अवैध वसूली करते हैं और पैसा लेकर लोगों को छोड़ देते हैं।
बिहार(आरा)। भोजपुर जिले के शाहपुर में उत्पाद विभाग (मधनिषेध) की पुलिस की गोलीबारी में सुशील यादव की मौत के बाद, स्थानीय विधायक राहुल तिवारी ने उनके परिवार से मुलाकात की और इस घटना के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शराबबंदी नीति को जिम्मेदार ठहराया है।
उनका कहना है कि बिहार की शराबबंदी नीति अव्यावहारिक (impractical) और एक “सनक” का परिणाम है, जिसे मुख्यमंत्री ने अपनी छवि सुधारने के लिए लागू किया था। उन्होंने याद दिलाया कि जब यह नीति 2015 में बन रही थी, तब उन्होंने और अन्य माननीय लोगों ने मुख्यमंत्री को कहा था कि पूर्ण शराबबंदी से भ्रष्टाचार, कालाबाजारी और पुलिस की मनमानी बढ़ेगी, लेकिन मुख्यमंत्री अपनी जिद पर अड़े रहे।
उत्पाद विभाग के पुलिस जवान की गोली से शाहपुर में युवक की मौत होने पर विधायक राहुल तिवारी ने कहा की स्थानीय लोगों के अनुसार, उत्पाद विभाग (मधनिषेध) की पुलिस टीम शराब की तलाश में शाहपुर नगर पंचायत के वार्ड-03 के इलाके में घूम रही थी। दो घंटों से कई घरों की तलाशी के बाद जब उन्हें कुछ नहीं मिला, तो उन्होंने एक युवक को पकड़ने की कोशिश की, जो अपनी गाय दुह रहा था। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।
विधायक ने कहा की उत्पाद विभाग का एक जवान जो शायद नशे में था या मानसिक रूप से अस्थिर था, अपनी इंसास राइफल से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। मृतक सुशील यादव, जो उस घर में नहीं रहते थे और पास के बाजार से सब्जी खरीदकर अपने वार्ड-01 स्थित घर जा रहे थे। पुलिस छापामारी की बात सुनकर इस गली में आए थे, और गोलीबारी का शिकार हो गए और उनकी मौत हो गई।
MLA Rahul Tiwari said: शाहपुर की घटना पर सवाल
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल: उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी मजिस्ट्रेट के आदेश के गोली चलाने का अधिकार जवान को किसने दिया। उन्होंने आत्मरक्षा के पुलिस जवान के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि आत्मरक्षा का अधिकार जनता को भी है। उन्होंने बताया कि जवान को कोई चोट नहीं आई थी, जिससे यह साबित होता है कि गोली चलाना अनावश्यक था। जवान द्वारा गोली मारकर युवक की हत्या कर देने के बावजूद ग्रामीणों ने उसे जिंदा बचाये रखा।
प्रशासनिक लापरवाही: विधायक ने इस बात पर प्रकाश डाला कि स्थानीय थाने और जिले के पुलिस कप्तान को इस छापेमारी की कोई जानकारी नहीं थी। यह छापेमारी सीधे तौर पर उत्पाद विभाग द्वारा की गई थी, जो दर्शाता है कि यह पैसे कमाने का एक जरिया बन गया है।
सरकार की आलोचना: तिवारी ने मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह “बेईमानों की सरकार” है। उन्होंने “जंगल राज” के आरोप पर कहा कि लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार को जंगल राज नहीं कहा जा सकता, लेकिन आज की सरकार बेईमानों की है। उनका तर्क है कि एक तरफ बेरोजगारी से जूझ रहा युवक अगर पैसा कमाने के लिए तनिक भी गलत रास्ता अपनाता है तो उसे एनकाउंटर में मार दिया जाता है, जबकि दूसरी तरफ सरकारी विभाग खुलेआम भ्रष्टाचार और वसूली कर रहे हैं।
मृतक सुशील यादव के परिजनों से मिलकर विधायक राहुल तिवारी ने दोषी जवान और आदेश देने वाले अधिकारी अजय कुमार के साथ छापेमारी में शामिल उत्पाद विभाग के पुलिस टीम के खिलाफ जो हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में स्थानीय थाना पुलिस से शीघ्र गिरफ्तार करने और उन्हें जेल भेजने की कारवाई करने की बात कही।
उन्होंने मृतक सुशील यादव के परिवार के लिए मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि जब पुलिसकर्मी ड्यूटी पर मरते हैं तो उनके परिवारों को मुआवजा मिलता है, तो निर्दोष नागरिकों के मारे जाने पर भी यही प्रावधान होना चाहिए।


