MP Rajaram Singh: एमपी-एमएलए अदालत ने काराकाट लोकसभा क्षेत्र के सांसद कॉमरेड राजाराम सिंह सहित 20 आरोपितों को साक्ष्य के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया है।
- हाइलाइट: MP Rajaram Singh
- न्याय और लोकतंत्र की ऐतिहासिक जीत: सुदामा प्रसाद
बिहार। औरंगाबाद की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने भाकपा माले पोलित ब्यूरो के सदस्य, अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव और काराकाट लोकसभा क्षेत्र के सांसद कॉमरेड राजाराम सिंह सहित 20 आरोपितों को साक्ष्य के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया है। आरा के सांसद और भाकपा माले नेता कॉमरेड सुदामा प्रसाद ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्याय और लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने सभी साथियों और समर्थकों को इस अवसर पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
MP Rajaram Singh: मुखिया छोटू कुशवाहा की हत्या
यह पूरा मामला वर्ष 2012 का है। 29 मार्च 2012 को हसनपुरा ब्लॉक के सोनुह्थु पंचायत के अत्यंत लोकप्रिय मुखिया छोटू कुशवाहा की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस जघन्य हत्याकांड ने क्षेत्र की जनता को झकझोर कर रख दिया था। हत्यारों की गिरफ्तारी और न्याय की मांग को लेकर भाकपा माले के नेतृत्व में लगातार आंदोलन किए जा रहे थे। इसी कड़ी में 2 मई 2012 को औरंगाबाद में कॉमरेड राजाराम सिंह के नेतृत्व में एक विशाल प्रदर्शन का आयोजन किया गया था।
औरंगाबाद थाना कांड संख्या 155/2012
सांसद और भाकपा माले नेता कॉमरेड सुदामा प्रसाद ने बताया की शांतिपूर्ण ढंग से न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने अमानवीय और बर्बर हमला किया था। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने दमनकारी रवैया अपनाते हुए कॉमरेड राजाराम सिंह को गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय थाने में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक वरुण कुमार द्वारा उनके साथ न केवल दुर्व्यवहार किया गया, बल्कि उन पर जानलेवा हमला भी किया गया।
पुलिस ने औरंगाबाद थाना कांड संख्या 155/2012 दर्ज करते हुए कॉमरेड राजाराम सिंह और उनके साथियों पर कई संगीन आपराधिक धाराएं थोप दीं और उन्हें जेल भेज दिया। पिछले 12 वर्षों से चली आ रही इस लंबी कानूनी लड़ाई का अंत आखिरकार सत्य और न्याय की जीत के साथ हुआ।


