Jwainiya erosion-control works :संवेदक सुशील कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा कि कार्य में कोई त्रुटि नहीं है। उन्होंने इसे महज ‘भयादोहन’ और रंगदारी वसूलने की एक सुनियोजित रणनीति करार दिया है।
- हाइलाइट: Jwainiya erosion-control works
- शाहपुर प्रखंड के जवैइनिया में गंगा कटाव निरोधक कार्य की जवाबदेही
- संवेदक बोले: जब तक कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, वे जवैइनिया छोड़कर नहीं जाएंगे
22 मई आरा। भोजपुर जिला के शाहपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत जवैइनिया गांव, गंगा नदी द्वारा हो रहे कटाव को रोकने के लिए चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों का मुद्दा इन दिनों स्थानीय चर्चाओं और प्रशासनिक गलियारों में प्रमुखता से बना हुआ है। हाल ही में जिले के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया द्वारा किए गए निरीक्षण और उसके उपरांत कार्यदायी संस्था के संवेदक को दिए निर्देश, इन दिनों सोशल मीडिया में खूब सुर्खिया बटोर रहे है।
Jwainiya erosion-control works : जिलाधिकारी का निरीक्षण और निर्देश
इधर, जिलाधिकारी के हालिया जवाइनिया दौरे के संदर्भ में जब कार्य में संलग्न संवेदक सुशील कुमार से जानकारी ली गई, तो उन्होंने इसे एक रूटीन प्रशासनिक विजिट बताया। संवेदक के अनुसार, जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान कार्य की गति और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ के संभावित खतरों को देखते हुए समय सीमा का पालन करना अनिवार्य है। 30 जून की समय सीमा निर्धारित करते हुए यह निर्देश दिया गया है कि कार्य की प्रगति को गति देने के लिए मजदूरों की संख्या को बढ़ाया जाए ताकि मानसून के सक्रिय होने से पूर्व सुरक्षा कार्यों को पूर्ण किया जा सके।
गुणवत्ता पर सवाल और संवेदक का पक्ष
सोशल मीडिया, जनप्रतिनिधि व स्थानीय स्तर पर कार्य की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों पर संवेदक सुशील कुमार ने अपनी पूरी बात स्पष्टता के साथ रखी है। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता की जांच करना इंजीनियरिंग विभाग का तकनीकी कार्य है। उनके अनुसार, पटना से विशेष टीमों का आगमन लगातार बना हुआ है और विभागीय स्तर पर कार्यपालक अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा मुख्य अभियंता जैसे वरिष्ठ अधिकारी स्वयं कैंप कर रहे हैं और प्रतिदिन गुणवत्ता की निगरानी कर रहे हैं।
सुशील कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा कि कार्य में कोई त्रुटि नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने और संवेदकों को डराने-धमकाने के लिए गुणवत्ता का झूठा बहाना बना रहे हैं। उन्होंने इसे महज ‘भयादोहन’ और रंगदारी वसूलने की एक सुनियोजित रणनीति करार दिया है।
उन्होंने कहा कि उन्हें डराने या धौंस दिखाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन वे अपने उत्तरदायित्व से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस कार्य को पूर्ण करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं, भले ही इसके लिए उन्हें किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत जोखिम का सामना क्यों न करना पड़े। उनका संकल्प है कि जब तक कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, वे जवैइनिया छोड़कर नहीं जाएंगे।
सरकार द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को निभा रहे हैं: संवेदक
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर भाजपा नेता भुवर ओझा द्वारा संवेदक की कार्यशैली पर की गई टिप्पणी भी चर्चा का विषय बनी रही। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संवेदक सुशील कुमार ने कहा कि वे एक जिम्मेदार व्यवसायी हैं और सरकार द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। भविष्य में यदि अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, तो वे इसका कड़ा जवाब देने के साथ-साथ विभागीय स्तर पर भी अपनी बात मजबूती से रखेंगे।

