- हाइलाइट्स: Pappu Yadav – Jawainia
- सदन में “गाली-गलौज में व्यस्त” लोगों को पप्पू यादव की नसीहत
- बिहार सरकार की चुप्पी को “आपराधिक लापरवाही” बताया
- सरकार से कटाव के पीड़ितों को ₹5 लाख मुआवजा की मांग
- अब भी अगर आंख नहीं खुली, तो इतिहास माफ नहीं करेगा!
बिहार,आरा। भोजपुर के शाहपुर प्रखंड स्थित जवइनिया गांव में गंगा के विकराल कटाव ने आधा गांव निगल लिया है, और इस गंभीर स्थिति के बावजूद सरकार की चुप्पी ने लोगों को हताश कर दिया है। ऐसा लगता है मानो यहां की जनता को मरने के लिए छोड़ दिया गया हो। ये बातें पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने जवइनिया गांव की स्थिति देखकर कही।
जवइनिया गांव की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे सांसद पप्पू यादव ने कहा की आज हमने वहां पर गंगा मैया की तीव्रधारा में कटाव से घरों के विलीन होने का मंजर अपनी आँखों से देखा। हमने स्थानीय विधायक से बात की, विधायक के प्रश्नों पर सरकार द्वारा यह जबाब मिला था की यहां कोई कटाव नहीं हो रहा है। जिसके कारण यहां आधा से ज्यादा गांव नदी में समा गया है। उन्होंने सरकार की चुप्पी को “आपराधिक लापरवाही” बताया और कहा कि ऐसा लगता है मानो यहां की जनता को मरने के लिए छोड़ दिया गया हो।
Pappu Yadav – Jawainia – जमीनी हकीकत का जायजा और तात्कालिक सहायता
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भोजपुर के शाहपुर प्रखंड स्थित जवइनिया गांव में गंगा नदी के भयंकर कटाव से हुए विनाश पर गहरी चिंता व्यक्त की है। वहां के पीड़ितों से मुलाकात कर उनके दुःख-दर्द को साझा किया। सांसद पप्पू यादव ने इस स्थिति को बेहद दयनीय बताया और कहा कि इस संकट के समय में हमें तत्काल मदद करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि हमने दो दर्जन से भी अधिक पीड़ितों के बीच 20-20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, खाद्यान्न, पन्नी और अन्य जरूरी सामग्री वितरित की। संकट की इस घड़ी में मेरा पहला धर्म सेवा और मानवता है, और मैं इस दिशा में हर संभव प्रयास करूंगा।
Pappu Yadav – Jawainia – कटाव का कारण और सरकार से मांगें
सांसद ने कटाव का मुख्य कारण बालू माफियाओं द्वारा किए गए अवैध खनन को बताया, जिससे नदी की धारा बदल गई है और पूरे गांव को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से निम्नलिखित मांगें की हैं:
- कटाव पीड़ितों को ₹5 लाख का मुआवजा।
- तीन महीने का राशन।
- राहत शिविरों की स्थापना।
सांसद ने कहा अवैध खनन के कारण नदी की धारा में बदलाव हुआ है, जिससे पूरे गांव की बर्बादी हुई है। यह एक गंभीर मुद्दा है, और हम सरकार से कटाव के पीड़ितों को ₹5 लाख मुआवजा, तीन महीने का राशन और राहत शिविर की मांग कर रहे हैं।
फसलों का नुकसान और जन आंदोलन की चेतावनी
कटाव के कारण मकानों की क्षति के साथ-साथ 400 एकड़ से अधिक में लगी फसलों की तबाही भी चिंताजनक है। अगर सरकार मौन रही, तो हम स्वयं तीन महीने तक राहत शिविर चलाएंगे और जरूरत पड़ी तो जनआंदोलन का नेतृत्व करेंगे। यह लड़ाई जाति या राजनीति की नहीं, बल्कि मानवता की लड़ाई है। हम विपक्ष से अपील करेंगे कि वे सड़कों पर उतरें, ताकि इस इलाके को बचाया जा सके और यहां के लोगों को न्याय मिल सके।
निरीक्षण के दौरान बाल-बाल बचे पप्पू यादव
निरीक्षण के दौरान पप्पू यादव के सामने ही एक घर गंगा में गिर गया। घर गिरने के दौरान सांसद और उनके साथी, साथ ही साथ कई मीडिया कर्मी बाल-बाल बचे। इस घटना को अपनी आँखों से देखकर उन्होंने बिहार सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यहां की स्थिति इतनी चिंताजनक है। शर्म करो बिहार सरकार!
आरा भोजपुर का जवइनिया गांव गंगाजी में विलीन हो रहा है, और सरकार घोड़ा बेचकर सो रही है। क्या ये लोग इस देश के नागरिक नहीं हैं? क्या आपदा में बर्बाद हो रहे इन परिवारों का कोई हक नहीं बनता सरकार के संसाधनों पर? यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सरकारी उदासीनता की आपराधिक लापरवाही है। अब भी अगर आंख नहीं खुली, तो इतिहास माफ नहीं करेगा!
उन्होंने सदन में “गाली-गलौज में व्यस्त” लोगों से भोजपुर के लोगों के दर्द को महसूस करना चाहिय, जो गंगा नदी के कटाव में अपना घर गंवा चुके हैं। स्थिति को गंभीरता पर तुरंत विशेष राहत कार्य शुरू करना चाहिय। पीड़ितों को उचित मुआवजा मिले और उन्हें पुनर्वास की सुविधा प्रदान की जाए।



