Shahpur – PCC Road layin: शाहपुर नगर पंचायत में नियमों को ताक पर रख रात के अंधेरे में सड़क निर्माण, वार्ड-02 में जनता के विरोध के बाद रुका कार्य
- हाइलाइट: Shahpur – PCC Road layin
- नए नियमों की जवाबदेही से बचने के लिए रातों-रात सड़कों की ढलाई शुरू
- जल्दबाजी इसलिए ताकि इनको पूर्व की कार्ययोजना का हिस्सा बताया जा सके
आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर नगर पंचायत में विकास कार्यों की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में रात के समय आनन-फानन में पीसीसी ढलाई का कार्य शुरू किया गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह निर्माण कार्य उन सड़कों पर भी कराया जा रहा है जो पहले से ही 95% बेहतर स्थिति में है। इस प्रक्रिया का स्थानीय स्तर पर कड़ा विरोध शुरू हो गया है, विशेषकर वार्ड संख्या-02 में, जहाँ जनता के भारी आक्रोश और विरोध के बाद चल रहे काम को बीच में ही रोकना पड़ा।
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव को मुख्य कारण माना जा रहा है। आज बुधवार को विभाग ने नगर निकायों में विकास कार्यों के निष्पादन के संबंध में एक बड़ा आदेश जारी किया है। प्रधान सचिव विनय कुमार द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से सूचित किया गया है कि अब 15 लाख रुपये से कम लागत वाली योजनाओं का विभागीय कार्यान्वयन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब सभी लघु योजनाओं के लिए भी ई-निविदा प्रक्रिया को अनिवार्य बना दिया गया है।
विभाग ने पूर्व में जारी किए गए उस आदेश (ज्ञापांक 4322, दिनांक 24.08.2023) को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है, जिसके तहत 15 लाख रुपये तक की योजनाओं को विभागीय स्तर पर कार्यान्वित करने की छूट दी गई थी। हैरानी की बात यह है कि जैसे ही विभाग द्वारा यह नया पत्र जारी हुआ, शाहपुर नगर क्षेत्र में अचानक निर्माण कार्यों की बाढ़ सी आ गई। चर्चा है कि ई-निविदा की अनिवार्य प्रक्रिया और नए नियमों की जवाबदेही से बचने के लिए रातों-रात सड़कों की ढलाई शुरू कर दी गई। पूर्व उपमुख्य पार्षद का आरोप है कि यह जल्दबाजी केवल इसलिए दिखाई जा रही है ताकि इन योजनाओं को पूर्व की कार्ययोजना का हिस्सा बताया जा सके और नए नियमों के प्रभाव से बचा जा सके।
रात के अंधेरे में और बिना किसी तकनीकी पर्यवेक्षण के किए जा रहे इस निर्माण कार्य ने गुणवत्ता पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। शाहपुर नगर पंचायत के उपमुख्य पार्षद के पति गुप्तेश्वर साह (पूर्व उपमुख्य पार्षद) ने नपं प्रशासन के पदाधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने और सरकारी धन के इस तरह के दुरुपयोग की उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की है।


