Bihar Legislative Council Elections: इस चुनाव में सबसे चौंकाने वाली खबर दीपक प्रकाश को लेकर आई है। नामांकन के आखिरी दिन तक भी दीपक प्रकाश द्वारा पर्चा दाखिल न करने से यह स्पष्ट हो गया है कि उनका पत्ता कट गया है।
- हाइलाइट: Bihar Legislative Council Elections
- राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दीपक प्रकाश जल्द ही अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
पटना। बिहार की राजनीति के लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। राज्य में विधान परिषद की 10 सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसके बाद अब इन सभी सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है। आज के घटनाक्रम ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
Bihar Legislative Council Elections : नामांकन प्रक्रिया के मुख्य बिंदु
आज की नामांकन प्रक्रिया में एनडीए की ओर से कुल 9 उम्मीदवारों ने अपना पर्चा दाखिल किया, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की खाली हुई सीट पर होने वाला उपचुनाव भी शामिल है। वहीं, विपक्षी दल राजद की ओर से एक उम्मीदवार ने अपना नामांकन पत्र भरा है। कुल 10 सीटों के लिए 10 ही उम्मीदवारों के पर्चे भरे जाने के कारण अब मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और सभी उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है।
इस बार की नामांकन प्रक्रिया में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। भारतीय जनता पार्टी ने लोकप्रिय कलाकार ‘पावर स्टार’ पवन सिंह को विधिवत रूप से उच्च सदन में भेजने की पूरी तैयारी कर ली है। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार भी अब अगले 6 वर्षों के लिए निर्विरोध विधान पार्षद के रूप में सदन का हिस्सा बनने जा रहे हैं। आगामी विधान परिषद सत्र में नए चेहरों और बदली हुई परिस्थितियों के बीच सदन का नजारा देखने लायक होगा।
दीपक प्रकाश का टिकट कटना और राजनीतिक अटकलें
इस चुनाव में सबसे चौंकाने वाली खबर दीपक प्रकाश को लेकर आई है। नामांकन के आखिरी दिन तक भी दीपक प्रकाश द्वारा पर्चा दाखिल न करने से यह स्पष्ट हो गया है कि उनका पत्ता कट गया है। हालांकि नामांकन के लिए निर्धारित समय सीमा समाप्त होने तक इसे लेकर आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा थी, लेकिन इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दीपक प्रकाश जल्द ही अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। उनका नाम उम्मीदवारी की दौड़ से बाहर होना राज्य की राजनीति में बड़े फेरबदल का संकेत दे रहा है।
उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी और गठबंधन की चुनौतियां
दीपक प्रकाश को टिकट न मिलने का असर एनडीए के भीतर भी देखने को मिल रहा है। इस फैसले से उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी खुलकर सामने आई है। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि दीपक प्रकाश जदयू के सहयोगी रहे हैं और एनडीए में उनका जुड़ाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी से ही है। बिहार की सियासत में यह बदलाव किस ओर करवट लेता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

