Health schemes: बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनिवार्य प्राधिकरण प्राप्त किए बिना संचालित किसी भी अस्पताल के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए: डीएम
- हाइलाइट: Health schemes
- संगम मेडिसर्व प्राइवेट लिमिटेड के वाहनों का विवरण और रूट चार्ट उपलब्ध कराने का निर्देश
आरा: भोजपुर जिला समाहरणालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में शनिवार को जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में स्वास्थ्य सेवाओं और जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने जिले के सभी प्रखंडों में स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति का विस्तृत विवरण लिया।
उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों को एचएमआईएस (HMIS) पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से अद्यतन करना अनिवार्य है। स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि भव्य एडब्ल्यूटी (AWT) और एजेटी (AJT) मानकों के अनुरूप प्रदर्शन में सुधार लाते हुए राज्य के औसत से बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।
Health schemes : एक्स-रे मशीन के लिए डीएम ने दिए निर्देश
कार्यकुशलता को प्राथमिकता देते हुए कोईलवर, चरपोखरी और जगदीशपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को औसत प्रतीक्षा समय (AWT) में सुधार कर उसे राज्य के औसत से नीचे लाने के सख्त निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, तरारी सीएचसी को स्कैन एंड शेयर योजना में प्रदर्शन सुधारने तथा उदवंतनगर प्रखंड को पूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम में अपेक्षित गति लाने का आदेश दिया गया।
आधारभूत संरचना पर चर्चा करते हुए जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन स्वास्थ्य संस्थानों में एक्स-रे मशीन के लिए स्थान की कमी है, वहां कक्ष निर्माण का प्रस्ताव जिला स्वास्थ्य समिति को शीघ्र भेजा जाए, ताकि मरीजों को बाधित सेवाओं का सामना न करना पड़े।
बैठक का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन रहा। जिला पदाधिकारी ने प्रदूषण मानकों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए निर्देश दिया कि बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनिवार्य प्राधिकरण प्राप्त किए बिना संचालित किसी भी अस्पताल के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही, संगम मेडिसर्व प्राइवेट लिमिटेड (Sangam Mediserve Pvt. Ltd., IGIMS) पटना को अपने जैव चिकित्सा अपशिष्ट संग्रहण वाहनों का विवरण और रूट चार्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए की गई है ताकि नो-एंट्री क्षेत्रों में भी वाहनों को परमिट प्रदान कर अपशिष्ट का सुगम और समयबद्ध उठाव किया जा सके। इस समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिले के सभी स्वास्थ्य अधिकारी एवं सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित रहे।


