RJD Sonu Rai Wins : तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी की यह जीत इस बात का संकेत है कि जमीनी स्तर पर पार्टी का सामाजिक समीकरण और रणनीति प्रभावी ढंग से काम कर रही है।
- हाइलाइट: RJD Sonu Rai Wins
- कन्हैया प्रसाद(जेडीयू)…2153
- सोनू कुमार राय(राजद)…2507
- कन्हैया प्रसाद (निर्दलीय) 25 मत
- निरंजन प्रसाद (निर्दलीय) 12 मत
- मनोज उपाध्याय (निर्दलीय) 636 मत
- लालू प्रसाद (निर्दलीय) 30 मत
पटना। राज्य में एनडीए की नई सरकार के गठन के बाद हुए पहले महत्वपूर्ण उपचुनाव ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकार विधान परिषद सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे सत्ताधारी दल जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के लिए एक बड़ा झटका माने जा रहे हैं। इस सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के उम्मीदवार सोनू राय ने जीत दर्ज कर न केवल अपनी पार्टी का कद बढ़ाया है, बल्कि एनडीए के किले में सेंधमारी भी की है।
इस उपचुनाव का महत्व इसलिए भी अधिक था क्योंकि यह सीट पहले जेडीयू के कब्जे में थी। पूर्व एमएलसी राधाचरण साह के विधायक बनने के बाद यह सीट रिक्त हुई थी, जिस पर उपचुनाव कराया गया। एनडीए ने इस बार राधाचरण साह के बेटे कन्हैया प्रसाद को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वे अपनी विरासत को बचाने में असफल रहे। आरजेडी प्रत्याशी सोनू राय ने एनडीए समर्थित जेडीयू उम्मीदवार कन्हैया प्रसाद को 350 से अधिक मतों के अंतर से हराकर यह सीट अपने नाम कर ली है।
RJD Sonu Rai Wins : एनडीए का पारंपरिक वोट बैंक विभाजित हुआ:
उपचुनाव का पूरा घटनाक्रम काफी रोमांचक रहा। मतों की गिनती के दौरान शुरू से ही मुकाबला कड़ा नजर आ रहा था, लेकिन जैसे-जैसे परिणाम स्पष्ट हुए, एनडीए की मुश्किलें बढ़ती गईं। इस हार के पीछे एक बड़ा कारण जेडीयू के बागी नेता मनोज उपाध्याय की उम्मीदवारी को माना जा रहा है। मनोज उपाध्याय के मैदान में उतरने से एनडीए का पारंपरिक वोट बैंक विभाजित हुआ, जिसका सीधा लाभ विपक्षी दल आरजेडी को मिला। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बागी प्रत्याशी मनोज उपाध्याय को मिले 636 मत मूल रूप से एनडीए का ही आधार थे, जो बंटने के कारण कन्हैया प्रसाद को हार का सामना करना पड़ा।
सोनू राय ने 354 वोट से जीत का परचम लहराया:
आंकड़ों पर गौर करें तो आरजेडी की जीत की पटकथा पहली वरीयता के मतों की गिनती के समय ही लिखी जा चुकी थी। उपचुनाव में कुल 5956 मत पड़े थे, जिनमें से 621 मत तकनीकी कारणों से रद्द कर दिए गए और 5335 मतों को वैध माना गया। पहली वरीयता के वोटों की गणना में सोनू राय को 2486 मत प्राप्त हुए, जबकि कन्हैया प्रसाद 2146 मतों पर ही सिमट गए। इस तरह आरजेडी ने 340 मतों की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली थी। द्वितीय वरीयता के मतों की गणना के बाद भी सोनू राय की स्थिति मजबूत बनी रही, कन्हैया प्रसाद(जेडीयू)…2153 और सोनू कुमार राय (राजद)…2507 के साथ अंततः उन्होंने 354 वोट से जीत का परचम लहराया।
लालदास राय का इस क्षेत्र में पुराना रसूख:
सोनू राय की यह जीत व्यक्तिगत रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है। उनके पिता लालदास राय का इस क्षेत्र में पुराना रसूख रहा है। लालदास राय ने वर्ष 2003 में इसी भोजपुर-बक्सर निर्वाचन क्षेत्र से आरजेडी के टिकट पर जीत दर्ज की थी। अब एक लंबे अंतराल के बाद उनके पुत्र सोनू राय ने उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए विधान परिषद में प्रवेश किया है।


