Sasaram CO Akash: सासाराम अंचल अधिकारी आकाश कुमार रौनियार और उनके निजी सहायक सोनू कुमार को बेदा मोरसराय स्थित उनके निजी आवास से रंगे हाथों दबोचा गया।
- हाइलाइट: Sasaram CO Akash
- बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का असर
पटना। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की गई ताबड़तोड़ कार्रवाइयों ने भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है। रोहतास जिले के सासाराम शहर में निगरानी विभाग ने एक ही दिन में दो बड़ी सफल ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देकर भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की सख्त मंशा को सिद्ध कर दिया है। महज एक किलोमीटर के दायरे में हुए इन दो ऑपरेशन्स, अवैध उगाही करने वालों के लिए कड़ा संदेश है।
Sasaram CO Akash: सासाराम के CO और उनके निजी सहायक पर गाज
सासाराम अंचल में अंचलाधिकारी की गिरफ्तारी एक बड़े घटनाक्रम के रूप में सामने आई है। निगरानी विभाग को यह बड़ी सफलता तब हाथ लगी जब अंचल अधिकारी आकाश कुमार रौनियार और उनके निजी सहायक सोनू कुमार को बेदा मोरसराय स्थित उनके निजी आवास से रंगे हाथों दबोचा गया। इस गिरफ्तारी के पीछे की कहानी एक राजस्व कर्मचारी राकेश कुमार की शिकायत थी।
परिवादी ने आरोप लगाया था कि अंचलाधिकारी महोदय दाखिल-खारिज जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों के लिए अनुचित मांग कर रहे थे। एक विशेष दाखिल-खारिज वाद को निपटाने के एवज में आठ लाख रुपये की बड़ी रिश्वत की मांग की गई थी। निगरानी ब्यूरो ने मामले की गंभीरता को समझते हुए सत्यापन किया और जाल बिछाकर तीन लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
सदर अस्पताल का लिपिक भी 20 हजार लेते दबोचा गया
इसी दिन निगरानी टीम ने दूसरी बड़ी कार्रवाई सासाराम सदर अस्पताल में की। अस्पताल के सिविल सर्जन कार्यालय में तैनात लिपिक सतीश कुमार को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। परिवादी सुनीता कुमारी, जो कि प्रखंड लेखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं, ने शिकायत की थी कि लिपिक सतीश कुमार उनके तबादले को रोकने के नाम पर अवैध वसूली कर रहा है। आरोपी का तर्क था कि यह राशि सिविल सर्जन को दी जानी है, जो कि सरकारी व्यवस्था में एक गंभीर अनियमितता और भ्रष्टाचार का स्पष्ट मामला है। निगरानी टीम ने सतीश कुमार को सदर अस्पताल परिसर के बाहर स्थित शिव मंदिर के समीप बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत के लिए हेल्पलाइन
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आम जनता और कर्मचारियों से अपील की है कि अगर कोई भी लोक सेवक रिश्वत की मांग करता है, तो वे तुरंत विभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक नंबरों और पते पर शिकायत दर्ज कराएं।
लैंडलाइन नंबर्स: 0612-2215030, 0612-2215032, 0612-2215033, 0612-2215036, 0612-2215037, 0612-2999752
- हेल्पलाइन और मोबाइल नंबर: 0612-2215344, 7765953261
- व्हाट्सएप और ई-मेल: 9473494167, spvig-bih@nic.in
- कार्यालय का पता: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो बिहार, 6 सर्कुलर रोड, पटना

