Save sandesh: पूर्व प्रमुख राजेंद्र सिंह उर्फ रंजन यादव की अध्यक्षता में ‘संदेश बचाओ’ के संकल्प के साथ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू
- हाइलाइट: Save sandesh
- संदेश: क्रीड़ा क्षेत्र के अस्तित्व को बचाने हेतु एकजुट हुआ जनसमूह
- राजनीति भावना तोड़, संदेश की जनता क्षेत्र की विकास के लिए एकजुट
आरा/संदेश। भोजपुर जिले के संदेश प्रखंड मुख्यालय में आज एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला, जहाँ दलगत राजनीति की सीमाओं को लांघकर क्षेत्रीय नेता, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक एक स्वर में क्रीड़ा क्षेत्र के संरक्षण के लिए मुखर हो गए हैं। पूर्व प्रमुख राजेंद्र सिंह उर्फ रंजन यादव की अध्यक्षता में ‘संदेश बचाओ’ के संकल्प के साथ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य प्रखंड परिसर स्थित खेल के मैदान को बचाने के लिए प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करना है।
धरना पर बैठे प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रखंड परिसर में पर्याप्त वैकल्पिक भूमि उपलब्ध होने के बावजूद, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा खेल के मैदान के ठीक बीचोबीच प्रखंड सह अंचल कार्यालय के नए भवन का निर्माण कराया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि यह स्थल संदेश की पहचान और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। यहाँ न केवल स्थानीय युवा और बच्चे खेलते हैं, बल्कि बुजुर्ग और महिलाएँ भी मॉर्निंग वॉक के लिए इसी स्थान का उपयोग करते हैं। ऐतिहासिक रूप से यह मैदान कई बड़ी जनसभाओं और क्षेत्रीय कार्यक्रमों का गवाह रहा है, और चुनावी दौर में यहाँ कई वीआईपी नेताओं के हेलीकॉप्टर भी उतर चुके हैं। यदि यहाँ भवन का निर्माण होता है, तो क्षेत्र की आने वाली पीढ़ियों के लिए खेलने और टहलने की एकमात्र जगह हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी।
आंदोलनकारियों ने अधिकारियों की उदासीनता पर भी कड़े सवाल उठाए। उनका कहना है कि जहाँ इस स्थल को फूलों और आकर्षक पौधों से सुसज्जित कर स्वास्थ्यवर्धक बनाया जाना चाहिए था, वहीं प्रशासन इसे बर्बाद करने पर तुला है। वर्तमान में पूरा क्रीड़ा क्षेत्र ट्रकों के अतिक्रमण से भरा पड़ा है और जमीन भी समतल नहीं है। हैरानी की बात यह है कि प्रखंड विकास पदाधिकारी का आवास और अंचल कार्यालय इसी परिसर में स्थित है, जहाँ जिले के वरिष्ठ अधिकारियों का निरंतर आवागमन होता है, फिर भी किसी ने इस मैदान की घेराबंदी या साफ-सफाई की दिशा में सार्थक पहल नहीं की।
जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट लहजे में कहा कि वे विकास विरोधी नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन को सुझाव दिया कि कार्यालय का निर्माण अवश्य कराया जाए, लेकिन इसके लिए खेल के मैदान को नष्ट न किया जाए। परिसर के अन्य हिस्सों में पर्याप्त स्थल मौजूद है जहाँ भवन बनाया जा सकता है। यदि प्रशासन जनभावनाओं का सम्मान करते हुए निर्माण स्थल में परिवर्तन करता है, तो स्थानीय जनता पूरी तरह प्रशासन के साथ खड़ी है।
इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष सोनू गुप्ता, भाकपा (माले) के जीतन चौधरी, राजद के सिद्धेश्वर यादव, जेडीयू के मनंजय सिंह, संजय गुप्ता, शंभू सिंह और समाजसेवी राहुल गुप्ता ने अपने विचार व्यक्त किए और एकजुटता का परिचय दिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से संजय सिंह, संजीत कुमार, विकास कुमार, उपेन्द्र राही, मुन्ना कुमार रजक, वीरेंद्र राय, अरुण रजक, आकाश कुमार, उदय पटेल, आशा देवी, चंदेश्वर सिंह, उमेश सिंह, रामजी साह सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।


