Ara Tanishq robbery case तनिष्क डकैती कांड: वांछित अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा, वैशाली में दो के घरों पर चिपकाया गया इश्तेहार
- हाइलाइट: अब कुर्की की बारी: Ara Tanishq robbery case
- कोर्ट के आदेश पर नगर थाने की पुलिस द्वारा मंगलवार को की गयी कार्रवाई
- वैशाली के हाजीपुर के विभिन्न थाना क्षेत्र में दोनों अपराधियों के घरों पर चिपकाया गया इश्तेहार
- डकैती का सोना रिसीव करने में दोनों की संलिप्तता आने के बाद दोनों की पर रही तलाश
- तनिष्क डकैती कांड में अबतक 25 अपराधी भेजे गए जेल, सूरज सहित चार की तलाश
Ara Tanishq robbery case: आरा के चर्चित तनिष्क ज्वेलरी शोरूम डकैती कांड में पुलिस ने फरार चल रहे वांछित अपराधियों के विरुद्ध अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी और कानून के समक्ष समर्पण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस ने अब कुर्की की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी कड़ी में मंगलवार को वैशाली जिले के रहने वाले दो प्रमुख वांछित अपराधियों के घरों पर इश्तेहार चस्पा करने की कार्रवाई की गई।
न्यायालय द्वारा निर्गत आदेश के अनुपालन में आरा नगर थानाध्यक्ष देवराज राय के नेतृत्व में पुलिस टीम मंगलवार को हाजीपुर पहुंची। वहां स्थानीय पुलिस की सहायता से अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो वांछितों के घरों पर इश्तेहार चिपकाया गया। इन अपराधियों में हाजीपुर के शक्तिनगर बाल दास मठ क्षेत्र निवासी सूरज तिवारी और तिसिऔता थाना क्षेत्र का निवासी निक्कू सिंह शामिल है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर अपराधियों ने आत्मसमर्पण नहीं किया, तो न्यायालय के आदेश पर उनके घरों की कुर्की-जब्ती की जाएगी।
पुलिस द्वारा की गई जांच और अब तक के अनुसंधान के अनुसार, सूरज तिवारी और निक्कू सिंह दोनों ही तनिष्क शोरूम से लूटे गए सोने को रिसीव करने और उसे ठिकाने लगाने की साजिश में शामिल थे। जेल में बंद नितिन पांडेय से हुई पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि सूरज तिवारी लूट के आभूषणों से भरा तीसरा झोला प्राप्त करने वालों में से एक था। वहीं, निक्कू सिंह ने नितिन पांडेय के कहने पर सोने की बिक्री में सहायता की थी और अपराधियों के आवागमन के लिए परिवहन की व्यवस्था करने में भी उसकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
विदित रहें कि यह मामला विगत वर्ष 10 मार्च की सुबह का है, जब शहर के सबसे व्यस्त शीशमहल चौक स्थित तनिष्क ज्वेलरी शोरूम में सशस्त्र अपराधियों ने लगभग दस करोड़ रुपये के स्वर्ण आभूषणों की भीषण डकैती की थी। इस दौरान अपराधियों ने सुरक्षा गार्ड की लाइसेंसी राइफल भी छीन ली थी। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते घटना के कुछ घंटों के भीतर ही बड़हरा थाना क्षेत्र के बबुरा छोटी पुल के पास मुठभेड़ हुई, जिसमें सारण के दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और लूटे गए आभूषणों के दो झोले बरामद कर लिए गए थे।
इस मेगा डकैती कांड के उद्भेदन में पुलिस अब तक उल्लेखनीय सफलता हासिल कर चुकी है। वर्तमान में इस मामले से जुड़े 25 अभियुक्त जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि दो अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए हैं। पुलिस ने अब तक लूटे गए सोने का आधे से अधिक हिस्सा भी बरामद कर लिया है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस पूरी वारदात की योजना पश्चिम बंगाल की जेल में बंद वैशाली निवासी चंदन कुमार उर्फ प्रिंस के इशारे पर तैयार की गई थी। फिलहाल, पुलिस अन्य फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है।


