APICON-26: पटना के गांधी मैदान स्थित ज्ञान भवन एवं बापू सभागार में आयोजित इस भव्य सम्मेलन में देश-विदेश से हजारों की संख्या में चिकित्सकों ने शिरकत की।
- हाइलाइट: APICON-26
- आरा के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. के. एन. सिन्हा एपिकॉन-26 से लौटे
- इस अधिवेशन में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों पर हुआ गहन विमर्श
आरा। शहर के जाने-माने फिजिशियन एवं पूर्व एसीएमओ सह जिलाध्यक्ष (चिकित्सा मंच) भाजपा, डॉ. के. एन. सिन्हा बिहार की राजधानी पटना में आयोजित प्रतिष्ठित अखिल भारतीय मेडिसिन कॉन्फ्रेंस (एपिकॉन-26) में भाग लेकर लौटे हैं। गांधी मैदान स्थित ज्ञान भवन एवं बापू सभागार में आयोजित इस भव्य सम्मेलन में देश-विदेश से हजारों की संख्या में चिकित्सकों ने शिरकत की।
इस महत्वपूर्ण अधिवेशन का उद्घाटन सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया, जिसमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उपस्थित रहे। भारत के पड़ोसी देशों के अतिरिक्त लंदन, अमेरिका, जापान, इटली जैसे दूरस्थ देशों से भी चिकित्सा प्रतिनिधियों ने इसमें अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे यह सम्मेलन वैश्विक विचारों के आदान-प्रदान का एक प्रमुख मंच बन गया।
अधिवेशन के दौरान, देश-विदेश के प्रसिद्ध फिजिशियनों ने अपने अनुभवों और ज्ञान का आदान-प्रदान किया। विभिन्न गंभीर एवं सामान्य बीमारियों के निदान (डायग्नोसिस) तथा उनके उपचार की आधुनिकतम विधियों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों जैसे जीवनशैली से संबंधित विकारों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया, जो आज के समय में बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बने हुए हैं।
चिकित्सा विज्ञान में आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रयोग पर भी विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि एआई विधि रोगों की तत्काल पहचान (अभिलंब डायग्नोसिस) और सटीक उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हालांकि, इन अत्याधुनिक तकनीकों के साथ-साथ, पौष्टिक खानपान, संयमित परहेज, नियमित मॉर्निंग वॉक, योगा और कसरत के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों से बचाव एवं उनके प्रभावी प्रबंधन के लिए इन पारंपरिक पद्धतियों की अनिवार्यता पर जोर दिया गया। सम्मेलन से लौटने के उपरांत, डॉ. सिन्हा ने बताया कि इस महत्वपूर्ण चिकित्सा अनुभव और प्राप्त नवीनतम जानकारी से शाहाबाद जनपद की जनता को लाभ मिलेगा।


