Revenue collection – शाहपुर नगर पंचायत: होल्डिंग टैक्स की वसूली के बीच कार्यालयी कार्यों में बाधा, आम जनता परेशान
- हाइलाइट: Revenue collection
- जरूरी सेवा को पूरी तरह ठप कर देना उचित नहीं है: गुप्तेश्वर साह
आरा। शाहपुर नगर पंचायत इन दिनों राजस्व संग्रहण को लेकर विशेष सक्रियता दिखा रही है। नगर पंचायत के अधिकांश कर्मी और पदाधिकारी होल्डिंग टैक्स की वसूली के लिए क्षेत्र में तैनात हैं। हालांकि, राजस्व बढ़ाने की इस कवायद का दूसरा पक्ष स्थानीय नागरिकों के लिए भारी असुविधा का कारण बन रहा है। कार्यालय में जरूरी कार्यों से पहुंचने वाले लोगों को कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है, जिससे आए दिन कार्यालय परिसर में गहमागहमी और शोर-शराबे की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
ताजा मामला शुक्रवार को नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे कन्हैया पांडेय से जुड़ा है। अपनी समस्या साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वे पिछले कई दिनों से अपने चचेरे भाई स्वर्गीय उमेश पांडेय का मृत्यु प्रमाण पत्र संबंधी फॉर्म जमा करने के लिए नगर पंचायत कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। कन्हैया पांडेय के अनुसार, बार-बार आने के बावजूद उनका फॉर्म जमा नहीं हो पा रहा है क्योंकि संबंधित कर्मचारी को होल्डिंग टैक्स की वसूली के लिए नगर क्षेत्र के वार्ड में तैनात किया गया हैं।
कार्यालय में मौजूद आदेशपाल ने बताया कि वर्तमान में सभी कर्मचारी और पदाधिकारी होल्डिंग टैक्स की वसूली हेतु फील्ड में गए हुए हैं। इसलिए फार्म जमा नहीं हो सकता। कार्यालय में कोई भी जिम्मेदार कर्मी उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को दूसरे दिन आने की सलाह दी जा रही है।
इस अव्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कन्हैया पांडेय ने कहा कि उनके भाई की मृत्यु हुए आज 16 दिन बीत चुके हैं। नियमानुसार यदि 21 दिनों के भीतर मृत्यु की सूचना दर्ज कर फॉर्म जमा नहीं किया जाता है, तो भविष्य में इसके लिए हलफनामा (एफिडेविट) की मांग की जाएगी। इसलिए वे आज देर शाम तक रुककर फार्म जमा करके ही घर जाएंगे।
वर्तमान स्थिति यह है कि नगर पंचायत कार्यालय में न तो कोई पदाधिकारी मिल रहा है और न ही कोई कर्मचारी, जिससे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे अति आवश्यक कार्यों के लिए आने वाले नागरिकों को मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इधर, नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष गुप्तेश्वर साह ने का कहना है कि राजस्व वसूली अनिवार्य है, लेकिन इसके लिए कार्यालय के बुनियादी प्रशासनिक कार्यों और जनसेवा को पूरी तरह ठप कर देना उचित नहीं है। नगर प्रशासन को जरूरी सेवा वाले कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि आम जनता को कठिनाई न हो।


