Shahpur NP शाहपुर नगर पंचायत: ई-टेंडर से बचने के लिए एक सड़क को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया था, विभागीय स्तर पर कार्य कराने की थी योजना, नए नियम ने पार्षद के मंशा पर पानी फेर दिया।
- हाइलाइट: Shahpur NP
- स्थानीय निवासी नसीम शाह ने कार्यपालक पदाधिकारी से की शिकायत
- एक ही सड़क को तीन भागों में विभाजित करने पर कड़ी आपत्ति जताई
- वार्ड-02 के पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग
आरा। शाहपुर नगर पंचायत के वार्ड-02 में नियमों की अनदेखी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक ही सड़क को तीन अलग-अलग भागों में विभाजित कर विभागीय स्तर पर कार्य कराने की योजना बनाई गई थी, ताकि ई-टेंडर की अनिवार्य प्रक्रिया से बचा जा सके। वार्ड पार्षद के प्रभाव में सशक्त स्थायी समिति ने इन तीन योजनाओं को अपनी स्वीकृति भी दे दी थी, लेकिन नगर विकास एवं आवास विभाग के नए नियम ने पार्षद के मंशा पर पानी फेर दिया है।
Shahpur NP – ई-टेंडर से बचने को किया सड़क के तीन टुकड़े
जानकारी के अनुसार, NH-84 (तकिया मुहल्ला जानेवाली सड़क) से सरना-भरौली रोड तक की सड़क को तीन भागों में, जिसमें प्रथम भाग- NH-84 से सफिक मास्टर तक, दूसरा भाग- कमरुदीन से शिवजी पंडित के घर तक, तथा तीसरा भाग बजरंगी के घर से भरौली रोड तक किया गया है। इस पूरे प्रकरण के पीछे ई-टेंडर की जटिलताओं से बचने और कार्य को विभागीय स्तर पर कराने की रणनीति थी।
पूर्व के नियमों के अनुसार, 15 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले कार्यों के लिए ई-टेंडर अनिवार्य था। इस बजह से वार्ड पार्षद ने एक ही सड़क को तीन अलग-अलग योजनाओं के रूप में प्रस्तुत किया और सशक्त स्थायी समिति से इसे स्वीकृत करा लिया।
हालांकि, नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक 2390, दिनांक 25/02/2026 के माध्यम से जारी नए दिशा-निर्देशों ने पार्षदों की इस रणनीति को विफल कर दिया। नए आदेश के अनुसार, अब 15 लाख रुपये से कम की राशि वाले कार्यों के लिए भी ई-टेंडर की प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया गया है।
हैरानी की बात यह है कि नियमों में बदलाव और ई-टेंडर की अनिवार्यता के बावजूद, जब संबंधित पार्षद ने सड़क पर निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया, तो उन्हें स्थानीय निवासियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का तर्क है कि उक्त सड़क वर्तमान में पूरी तरह से सही और सुदृढ़ स्थिति में है, अतः इस पर दोबारा ढलाई करना न केवल अनावश्यक है बल्कि सरकारी धन की बर्बादी भी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय निवासी नसीम शाह ने नगर के कार्यपालक पदाधिकारी को एक शिकायत आवेदन सौंपा है। इस आवेदन में एक ही सड़क को तीन भागों में विभाजित करने पर कड़ी आपत्ति जताई गई है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की गई है।


