Shahpur NP – Vehicles: शाहपुर नगर पंचायत में तीसरा सैफ्टिक टैंक वाहन देखते ही लोग कहने लगे एक और हाथी नगर परिसर की शोभा बढ़ाने आ गई।
- हाइलाइट: Shahpur NP – Vehicles
- बिना उपयोग के मशीनों की खरीद पर खड़े हो रहे सवाल?
- एक और हाथी नगर परिसर की शोभा बढ़ाने आ गई है
आरा। शाहपुर नगर पंचायत में नागरिक सुविधाओं के लिये क्रय की गई महंगी मशीनों का लाभ नागरिकों को नहीं मिल रहा है। सभी नई मशीन रखे-रखे कबाड़ हो रही हैं। मशीनों का उपयोग नहीं होने से उनकी खरीद पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लाखों रुपये की लागत से खरीदा गया सैफ्टिक टैंक वाहन, वाटर ATM मशीन, कूड़ा से खाद बनाने वाली ठोस अपशिष्ट मशीन, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन हेतु ई रिक्शा वाहन, ये सभी नगर परिसर में पड़े-पड़े कबाड़ में तब्दील हो रहा है। वही कुछ ऐसे उपकरणों की खरीदारी की गई है जैसे सूखा-गीला कूड़ादान, स्ट्रीट लाइट, हाई मास्क लाइट अपने समय से पहले ही दम तोड़ चुका है।
Shahpur NP – Vehicles: शाहपुर नपं के कुछ संसाधन जो हो रहे कबाड़
केस (1) लाखों रुपये की लागत से खरीदा गया दो सैफ्टिक टैंक वाहन लावारिस हालत में नगर पंचायत कैंपस में पड़ा है। इधर, आज बुधवार को एक और नई सैफ्टिक टैंक मशीन नगर परिसर की शोभा बढ़ाने आ गई है।
केस (2) लाखों रुपये की लागत से खरीदा गया वाटर ATM मशीन लावारिस हालत में नगर पंचायत कैंपस में पड़ा है।
केस (3) लाखों रुपये की लागत से खरीदा गया ठोस अपशिष्ट मशीन लावारिस हालत में नगर पंचायत कैंपस में पड़ा है।
केश (4) लाखों रुपये की लागत से खरीदा गया ई रिक्शा कचरा वाहन गोदाम में रखे-रखे कबाड़ हो रही हैं।
बता दें की शाहपुर नगर पंचायत की ओर से लाखों रुपये की लागत से खरीदा गया दो सैफ्टिक टैंक वाहन लावारिस हालत में नगर कार्यालय कैंपस में पड़ा है। उक्त वाहन धूप, पानी और धूल फांककर कबाड़ में तब्दील हो रहा है। उक्त वाहन का एक दिन भी उपयोग नहीं किया गया है। उक्त वाहनों के संचालन के लिये ट्रेंड चालकों की नियुक्ति नहीं की गई है।
नतीजा शहरवासियों को उसका लाभ आज तक नहीं मिल सका। शहरवासी आज भी अपने शौचालय टंकी की सफाई के लिये प्राइवेट श्रोतों से अधिक पैसे देकर टंकी की सफाई कराने को विवश हैं जबकि दोनों वाहन नगर पंचायत कैंपस में लावारिस हालत में पड़ा हुआ है। उसे देखने वाला कोई नहीं है। वही एक नये सैफ्टिक टैंक वाहन देखते ही लोग कहने लगे एक और हाथी नगर परिसर की शोभा बढ़ाने आ गई है।
इस मामले में बड़ी खबर यह है की नगरवासियों के शौचालय टंकी की सफाई की जाती है तो उससे निकले अपशिष्ट को डिस्पोज करने के लिये कोई व्यवस्था नगर पंचायत द्वारा नहीं की गई है। कूड़ा डंपिंग ग्राउंड नहीं होने से नगर में स्वच्छता अभियान भी परवान नहीं चढ़ पा रहा। वार्ड के विभिन्न मोहल्लों से रोजाना निकलने वाला कूड़ा नगर स्थित सड़कों के किनारे दबाया जा रहा है।
विदित रहे की नगर की साफ-सफाई में सबसे अहम रोल कूड़ा के सही जगह निष्पादन का होता है। लेकिन शाहपुर नगर पंचायत में कूड़ा एकत्रीकरण के बाद इसे सड़कों के किनारे जमा कर जेसीबी से दबा दिया जाता है। क्योंकि शाहपुर नगर पंचायत ने अभी तक कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग ग्राउंड की व्यवस्था नहीं की है। इन सब के बावजूद इधर, नगर पंचायत द्वारा लगातार कूड़ादान की खरीद के साथ अन्य उपकरण आदि का क्रय की जाती रही है, भले ही उनका कोइ उपयोग ना हो।
इधर, सरना रोड वार्ड दो स्थित नदी किनारे कूड़ा डंप किये जाने पर पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता शमशेर बहादुर पांडेय ने कहा की शाहपुर नगर के पूर्व और बर्तमान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियो के कारण शाहपुर मे सैकड़ो बिगहा उपजाऊ जमीन बरवाद हो गई है। इसी के कारण अब सैकड़ो बिगहा जमीन का पानी ही नही निकल रहा है ,पहले बर्षा और बाढ़ का पानी आता था तो नदी के रास्ते आसानी से पानी निकल जाता था, कुड़ा फेकने के कारण नदी जाम हो गई और पानी नही निकल रहा है।

