Rakesh Tripathi Bilauti: राकेश तिवारी ने पूछा है कि आखिर किस परिस्थिति में जगदीशपुर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) स्वयं घटना स्थल पर मौजूद थे?
- हाइलाइट: Rakesh Tripathi Bilauti
- क्या यह हत्या किसी आला अधिकारी या गृह विभाग के आदेश पर किया गया? राकेश तिवारी
आरा। जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुई भारत भूषण तिवारी की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले पर अपनी गहरी संवेदना और नाराजगी व्यक्त करते हुए बिलौटी निवासी पूर्व प्रखंड अध्यक्ष कांग्रेस, राकेश त्रिपाठी ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एक निर्दोष व्यक्ति के साथ जो हुआ, वह न केवल दुखद है बल्कि व्यवस्था पर भी एक बड़ा कलंक है।
Rakesh Tripathi Bilauti: राकेश त्रिपाठी ने इस घटना को सुनियोजित हत्या बताया
राकेश त्रिपाठी ने इस घटना को हत्या की सुनियोजित साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि जिस तरह से आनन-फानन में इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया, वह कई तरह की शंकाओं को जन्म देता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मृतक का कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा, न ही उनके खिलाफ कभी कोई गंभीर एफआईआर दर्ज थी, और न ही वे किसी विवादित गतिविधियों में शामिल थे, तो फिर उन्हें किस आधार पर निशाना बनाया गया? भारत भूषण तिवारी एक शांत और चरित्रवान व्यक्ति थे, जो बाल ब्रह्मचारी के रूप में समाज सेवा के साथ अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे।
अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में…
इस मामले में प्रशासनिक भूमिका भी सवालों के घेरे में है। राकेश तिवारी ने पूछा है कि आखिर किस परिस्थिति में अनुमंडल पदाधिकारी स्वयं घटना स्थल पर मौजूद थे? साथ ही, 16 जून की लापरवाही में शाहपुर थाना प्रभारी राजेश मालाकार को सस्पेंशन का सामना करना पड़ा, वे 17 जून को सरकारी पिस्टल के साथ सक्रिय कैसे थे? यह लापरवाही है या मिलीभगत? या ऊपरी प्रेशर?
एक ऐसे युवा की मौत, जो आरएसएस और भाजपा के प्रति समर्पित कार्यकर्ता भी था। बाबा बागेश्वर के भक्त होने के साथ-साथ देशभक्त भी था। एक राष्ट्रभक्त की मौत ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है। राकेश तिवारी का मानना है कि एक बाल ब्रह्मचारी ब्राह्मण की हत्या का पाप भाजपा को लग गया है।
क्या यह हत्या किसी आला अधिकारी या गृह विभाग के आदेश पर किया गया? राकेश तिवारी ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि सरकार और प्रशासन इस तरह से निरंकुश होकर संविधान के विपरीत आचरण करेंगे, तो यह न केवल लोकतंत्र के लिए घातक है, बल्कि समाज में असुरक्षा का माहौल भी पैदा करेगा। न्याय की मांग करते हुए उन्होंने कहा है कि यदि इस मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता का प्रशासन से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा।




