Homeआरा भोजपुरबिहियाराजेश यादव हत्याकांड में बड़ा खुलासा: 20 रोज पहले मारपीट व फायरिंग

राजेश यादव हत्याकांड में बड़ा खुलासा: 20 रोज पहले मारपीट व फायरिंग

Tipura Bihiya: मृतक के परिजनों का स्पष्ट मानना है कि यदि पुलिस ने 20 जून को दर्ज मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी सुनिश्चित की होती, तो राजेश यादव की निर्मम हत्या नहीं होती।

  • हाइलाइट: Tipura Bihiya
  • राजेश यादव के परिजनों का दर्द और गुस्सा
  • गिरफ्तार कर लिया होता, तो टल जाता हत्या
  • बिहिया में कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
  • टिपुरा गांव हत्याकांड ने बढ़ाई पुलिस की चिंता

आरा। भोजपुर जिले का बिहिया थाना क्षेत्र अंतर्गत टिपुरा गांव में हुई राजेश यादव की निर्मम हत्या ने न केवल स्थानीय निवासियों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि इस घटना से बिहिया पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे है। करीब 20 रोज पहले हत्या का मुख्य आरोपी योगेंद्र यादव ने टिपुरा-बसवरिया गांव में किया था मारपीट व फायरिंग। तब, टिपुरा निवासी हरेंद्र यादव द्वारा बिहिया थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

Tipura Bihiya: 20 रोज पहले मारपीट व फायरिंग की प्राथमिकी दर्ज

इधर, मृतक के परिजनों ने बताया कि बीते 20 जून 2026 को इसी टिपुरा गांव के निवासी हरेंद्र यादव (पिता अंगद यादव) के साथ योगेंद्र यादव और उसके साथियों ने न केवल मारपीट की थी, बल्कि जान से मारने की नीयत से उन पर फायरिंग भी की थी। इस मामले में हरेंद्र यादव ने बिहिया थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस द्वारा कोई कारवाई नहीं की गई। पुलिस उसे पकड़ लेती तो राजेश की हत्या नहीं होती।

इधर, थाने में दिए आवेदन के अनुसार टिपुरा निवासी हरेंद्र यादव ने आरोप लगाया है कि बसवरिया के समीप योगेंद्र यादव (पिता स्व. छठू यादव), सोनू यादव (पिता बलिराम यादव) और अर्जुन यादव उर्फ प्रेम कुमार (पिता भरत यादव) ने उनके साथ मारपीट की और जान मारने की नियत से फायरिंग भी किया था जिसमे वे बाल-बाल बच गए थे। इस गंभीर शिकायत के आधार पर बिहिया थाने में केस संख्या 200/26 दर्ज है।

उधर, परिजनों का स्पष्ट मानना है कि यदि पुलिस ने 20 जून को दर्ज मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी सुनिश्चित की होती, तो यह हत्याकांड टल जाता। पुलिस की ढिलाई और लापरवाही का सीधा परिणाम राजेश यादव की असमय मृत्यु के रूप में सामने आया है।

परिजनों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि पुलिस की शिथिलता के कारण योगेंद्र यादव ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने का दुस्साहस किया। पुलिस की उदासीनता को लेकर राजेश यादव के परिजनों का दर्द और गुस्सा चरम पर है।

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