Jagdishpur: सतर्कता जागरूकता सप्ताह के पहले दिन सोमवार को जगदीशपुर अनुमंडल कार्यालय में एसडीएम ओम प्रकाश लाल सहित अधिकारियों और कर्मचारियों ने भ्रष्टाचारमुक्त समाज बनाने व प्रशासनिक कार्यों में ईमानदारी और पारदर्शिता बरतने की शपथ ली।
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- सतर्कता जागरूकता सप्ताह के पहले दिन सोमवार को भ्रष्टाचारमुक्त और पारदर्शी प्रशासन का लिया संकल्प
आरा। जिले के जगदीशपुर अनुमंडल क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को धरातल पर उतारने के लिए एसडीएम ओम प्रकाश लाल ने सत्य निष्ठा की शपथ ली। इस दौरान अनुमंडल कार्यालय के विभिन्न विभागों के प्रखंड व अनुमंडल स्तरीय अधिकारी, कार्यपालक सहायक, अंचलाधिकारी कार्यालय के कर्मी और अन्य प्रशासनिक कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने सतर्कता जागरूकता अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। सतर्कता जागरूकता सप्ताह 26 अक्तूबर से एक नवंबर तक मनाया जाएगा। इस वर्ष की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ है।
Jagdishpur : भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति
एसडीएम ओम प्रकाश लाल ने यह उद्बोधन दिया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता की नीति पर पूरी दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। व्यवस्था में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार के प्रति कोई नरमी न बरतते हुए उस पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी नीति के तहत सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई गई है, ताकि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ करें।
प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस का आयोजन
एसडीएम ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित तमाम जनहितैषी योजनाएं समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। ये योजनाएं आम जनता की प्राथमिक आवश्यकताओं, उनकी समस्याओं और उनके हितों को केंद्र में रखकर बनाई जाती हैं। इन कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए अनूठी प्रशासनिक पहलें की जा रही हैं। इसी कड़ी में प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया जाता है।
सहयोग पोर्टल का सफल संचालन
उन्होंने बताया कि प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को पाटने के लिए पदाधिकारी अब खुद चलकर पंचायत सरकार भवनों तक पहुंच रहे हैं और वहां आम जनता की समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में जगदीशपुर की विभिन्न पंचायतों में भी पंचायत विकास दिवस का व्यापक स्तर पर आयोजन किया गया था, जिसमें ग्रामीणों ने भाग लिया और अपनी समस्याओं को प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखा, जिनका यथासंभव तत्काल निवारण भी किया गया।
जनमानस की समस्याओं के त्वरित और सुगम निवारण हेतु माननीय मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि आज सहयोग पोर्टल का सफल संचालन हो रहा है। इस डिजिटल माध्यम से जनता अपनी किसी भी समस्या को सीधे प्रस्तुत कर सकती है, और सभी संबंधित अधिकारियों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे अधिकतम तीस दिनों की समयावधि के भीतर इसका समयबद्ध और संतोषजनक निष्पादन सुनिश्चित करें।
27 अक्टूबर को शाहपुर के हरिहरपुर पंचायत में सहयोग शिविर
माननीय मुख्यमंत्री और बिहार सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को सहयोग शिविरों का नियमित आयोजन किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में आगामी सत्ताईस तारीख को शाहपुर के हरिहरपुर पंचायत में सहयोग शिविर का आयोजन किया जाना तय किया गया है। प्रशासन की यह मंशा है कि किसी भी नागरिक को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि प्रशासन खुद उनके द्वार तक पहुंचकर उनकी कठिनाइयों को दूर करे।
कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे
शिक्षा के क्षेत्र में आमूल-चूल परिवर्तन लाने और समाज के सबसे पिछड़े तबकों विशेषकर मुसहरटोली और महादलित बस्तियों के बच्चों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। यह सुनिश्चित करने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि आर्थिक तंगी या सामाजिक पिछड़ेपन के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए सभी सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन के स्तर को उच्चतम बनाने के निरंतर प्रयास जारी हैं। मॉडल विद्यालय की आधुनिक अवधारणा के तहत सरस्वती विद्यानिकेतन की तर्ज पर उत्कृष्ट विद्यालयों और कॉलेजों की स्थापना की जा रही है, तथा राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं ताकि उच्च शिक्षा हर छात्र की पहुंच में हो।
विद्यालयों के कायाकल्प अभियान
विद्यालयों के कायाकल्प अभियान के अंतर्गत उनकी आधारभूत संरचनाओं में अभूतपूर्व सुधार किया जा रहा है। भवनों के रंग-रोगन, मजबूत चारदीवारी के निर्माण, नए वर्ग कक्षों की स्थापना, उन्नत शौचालय की व्यवस्था और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसके साथ ही, वंचित समूहों, महादलित परिवारों और अत्यंत गरीब घरों के बच्चों को विद्यालय से जोड़ने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए शिक्षकों तथा शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों द्वारा लगातार प्रेरित किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर यह सख्त निर्देश दिए गए हैं कि धन के अभाव में किसी भी मेधावी बच्चे की पढ़ाई किसी भी कीमत पर नहीं रुकनी चाहिए।
सरकार ने बच्चों को शिक्षा के प्रति आकर्षित करने और उन्हें रोके रखने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रखी हैं। निशुल्क शिक्षा के साथ-साथ मध्याह्न भोजन योजना, बालिका साइकिल योजना, पोशाक योजना और छात्रवृत्ति योजना जैसी बेहतरीन सौगातें छात्रों का जीवन संवार रही हैं। हम इस दिशा में पूरी तन्मयता से प्रयासरत हैं और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से अपने क्षेत्रों के विद्यालयों का भ्रमण करें और यह सुनिश्चित करें कि क्षेत्र का हर बच्चा विद्यालय पहुंच रहा है।
छठी कक्षा से कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य
इसके अतिरिक्त, आधुनिक युग की बदलती आवश्यकताओं और तकनीकी क्रांति को ध्यान में रखते हुए छठी कक्षा से कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। यह पहल आज के विद्यार्थियों को भविष्य के लिए डिजिटल कौशल से सशक्त बनाएगी और उन्हें वैश्वीकरण के इस दौर में आगे बढ़ने का अवसर देगी। सरकार केवल शिक्षकों की भौतिक उपलब्धता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह विद्यालयों के समग्र शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने पर भी पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है। शिक्षण संस्थानों में समय पर कक्षाओं का संचालन, समृद्ध पुस्तकालयों की स्थापना, आधुनिक कंप्यूटर सुविधाओं का प्रावधान और खेलकूद की सामग्री की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद आवश्यक है। ये तमाम दूरदर्शी पहलें मिलकर एक सुदृढ़ और आधुनिक शैक्षिक प्रणाली का निर्माण करेंगी, जिससे हमारे विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल होगा और जगदीशपुर सहित पूरे भोजपुर जिले का नाम रोशन होगा।







