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जवइनिया – शाहपुर विधायक राहुल तिवारी ने किया विपक्ष पर पलटवार

  • हाइलाइट: जवइनिया गांव
    • विधायक ने क्षेत्र के भाजपा नेता के मामा के गांव होने का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हे मामा के गांव पर विशेष ध्यान देना चाहिए, “टिकट बाद की चीज है.”

बिहार (भोजपुर) शाहपुर विधानसभा के राजद विधायक राहुल तिवारी ने जवइनिया गांव में गंगा नदी के कटाव को लेकर अपनी चिंताओं और प्रयासों को साझा किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि एक जनप्रतिनिधि के तौर पर वे अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे, भले ही विपक्ष द्वारा राजनीति की जाए. विधायक ने कटाव को लेकर विपक्षी नेताओं पर भी तीखा हमला बोला है और उन्होंने कहा की वे लगातार सरकार को इस गंभीर समस्या के बारे में अवगत कराते रहे हैं और आवाज उठाते रहे हैं. विधायक ने कहा कि जब काम करने का समय था तब अपने को सताधारी नेता कहने वाले कहां थे।

कटाव की समस्या और विधायक के प्रयास
शाहपुर विधायक राहुल तिवारी के अनुसार, अक्टूबर 2015 में विधायक बनने के बाद से ही उन्होंने जवइनिया गांव के कटाव के मुद्दे को गंभीरता से उठाया है. स्थानीय लोगों द्वारा बताने पर उन्हें नौरंगा गांव में हो रहे कटाव से इस बात का अंदाजा हो गया था कि यह समस्या धीरे-धीरे जवइनिया तक पहुंचेगी. तभी से उन्होंने विधानसभा के हर सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया.

उन्होंने बताया कि जब उन्होंने सदन में सरकार से कटाव के बारे में प्रश्न पूछा, तो जवाब मिला कि “अभी कोई कटाव नहीं दिख रहा है, अगर कटाव होगा तो सरकार काम कराएगी.” विधायक ने इस जवाब को NDA सरकार की लापरवाही बताया और जबाब का पत्र दिखाते कहा कि 2025 में कटाव के लिए यह सरकार पूरी तरह दोषी है. उनके अनुसार, सरकार के ध्यान न देने के कारण ही आज जवइनिया गांव की यह स्थिति हुई है.

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अवैध बालू खनन और सरकारी सहायता
राहुल तिवारी ने 2019 में मुख्यमंत्री को लिखे पत्र का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने बताया था कि यह एक पिछड़ा और गरीब इलाका है. उन्होंने 2021-22 में जवाइनिया गांव में हुए अवैध बालू खनन का मुद्दा भी उठाया. उनके अनुसार, बालू माफिया द्वारा 30-40 डंपर लगाकर सफेद बालू निकालकर फोरलेन रोड पर दिया गया था. इस पर वीडियो और फोटो के साक्ष्यके साथ जिलाधिकारी से बात की, जिसके बाद पता चला कि खनन विभाग द्वारा गलत तरीके से एक चिट्ठी जारी की गई थी. उनके प्रयासों के बाद यह अवैध खनन बंद हो गया. उन्होंने खेद व्यक्त किया कि आज जवइनिया गांव को उस खनन का भी परिणाम भुगतना पड़ रहा है.

विधायक ने जानकारी दी कि उनके द्वारा उठाए गए सवाल व प्रयास के बाद प्रगति यात्रा कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के हाथों कटाव पीड़ित सभी परिवारों को ₹1,20,000 का मुआवजा मकान के लिए मिला, और 29 भूमिहीन परिवारों को ₹1,20,000 के साथ जमीन का पर्चा भी दिया गया.

विपक्षी नेताओं पर विधायक के आरोप
विधायक तिवारी ने जिले के अन्य प्रमुख नेताओं पर भी निशाना साधा. उन्होंने अवधेश नारायण सिंह (विधान परिषद के सभापति) और राधा चरण सेठ का नाम लिया, और कहा कि मुख्यमंत्री से नियमित मुलाकात के बावजूद उन्होंने जवइनिया गांव के कटाव के लिए कोई मदद नहीं की. उन्होंने आरा के तत्कालीन सांसद सह केन्द्रीय मंत्री आर.के. सिंह पर भी आरोप लगाया कि 10 साल तक सांसद रहने और प्रधानमंत्री से नियमित भेंट होने के बावजूद उन्होंने नौरंगा से लेकर दामोदरपुर तक पक्का बांध बनवाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया. विधायक के अनुसार, यह काम उनके लिए बेहद आसान था.

विधायक ने कहा कि जब काम करने का समय था तब अपने को सताधारी नेता कहने वाले कहां थे। लेकिन वे लगातार सरकार को समस्या के बारे में अवगत कराते रहे हैं और आवाज उठाते रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि जवइनिया गांव की स्थिति गंभीर है, और गांव पूरी तरह से कटने के कगार पर है।

आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति और चुनाव का समय
विधायक राहुल तिवारी ने मौजूदा हालात में आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति को अनुचित बताया. उन्होंने कहा कि यह चुनाव का समय है और अगले दो-तीन महीने में चुनाव होने वाले हैं, इसलिए सभी लोग राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने पिछले साल की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि जब 59 से अधिक मकान गंगा में समाहित हो गए थे और भयंकर बाढ़ आई थी, तब कोई नजर नहीं आया था.

उन्होंने विपक्षी नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे लंगर चलाने के विवाद और श्रेय लेने की राजनीति में व्यस्त हैं, जबकि उन्हें जवइनिया के लोगों की सेवा करनी चाहिए. उन्होंने कहा, “आपकी सरकार है, आप टिकट लेने के लिए डिप्टी सीएम के यहां, सम्राट चौधरी के यहां, विजय सिन्हा के यहां दौड़ रहे हैं, बड़े-बड़े नेताओं के यहां जा रहे हैं, तो कम से कम जवइनिया गांव को बचाने के लिए भी तो जाना चाहिए था. एक विजिट करवा दिए होते, लेकर आ जाते दामोदरपुर पंचायत में कि देखिए क्या खराब स्थिति है, इसको तुरंत बनाया जाए. लेकिन उसके ऊपर किसी का ध्यान नहीं.”

ठोकर बांध निर्माण घोटाला पर विधायक ने कहा कि सरकार उन्हीं की है और वित्त मंत्री भी डिप्टी सीएम हैं, इसलिए उन्हें पहले जाकर समस्या का समाधान करवाना चाहिए था. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सांसद, एसडीओ, इंजीनियर और डीएम भी वहां गए थे, और सरकार उनकी है, विभाग उनका है, टेंडर सरकार ने ही किया. उन्होंने कहा कि उनका काम सरकार की योजनाओं को शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में लाना और कटाव की समस्या उठाना है, जिसका निर्णय और क्रियान्वयन सरकार का काम है.

क्रेडिट लेने की लड़ाई क्यों?
राहुल तिवारी ने कहा कि जब विपक्षी नेता खुद ही कहते हैं कि “नीतीश कुमार जी की सरकार है, हमारा सरकार काम करा रहा है। उन्होंने कहा कि वे तो केवल समस्या उठा रहे हैं, और 2016 से इस मुद्दे को उठा रहे हैं. उन्होंने कहा, “आज भी हम कह रहे हैं कि कटाव हो रहा है, और सदन में भी हम क्या बोल रहे हैं कि कटाव हो रहा है, और सरकार क्या जवाब दे रही है?

उन्होंने सवाल किया कि जिले के बड़े नेता अवधेश नारायण सिंह और राधा चरण सेठ का क्या दायित्व है? तत्कालीन सांसद आर.के. सिंह ने 20 साल पहले से कट रहे नौरंगा गांव के लिए क्या कदम उठाए, उन्होंने पूर्व सांसद आर.के. सिंह पर भी आरोप लगाया कि 10 साल तक सांसद रहने और प्रधानमंत्री से नियमित मुलाकात करने के बावजूद उन्होंने नौरंगा से लेकर दामोदरपुर तक पक्का बांध बनवाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया, जबकि यह उनके लिए “बाएं हाथ का काम” था.

विधायक ने आरोप लगाया कि अगर प्रधानमंत्री चाहते तो नौरंगा से लेकर जवाइनिया तक पक्का बांध बन जाता और यह समस्या ही नहीं होती. उत्तर प्रदेश वाले को भी फायदा होता बिहार वाले को भी फायदा होता। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने दायित्व से भागे हैं, जबकि वे लगातार जनता की सेवा करते आए हैं और करते रहेंगे. उन्होंने अपना दायित्व निभाया है. तो इसका क्रेडिट क्यों नहीं लेंगे।

जवइनिया गांव के लोगों के विस्थापन, मुआवजा और पुनर्वास पर विधायक राहुल तिवारी का जवाब:
विधायक राहुल तिवारी ने बताया कि भौगोलिक दृष्टि से जवइनिया गांव “डेंजर जोन” में है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन लोगों के पास जमीन नहीं थी, उन्हें जमीन दिलवाई गई है, और भविष्य में भी जिन लोगों के पास जमीन नहीं होगी, उन्हें जमीन दिलवाई जाएगी. उन्होंने कहा, “जिनका मकान गिरा है, मुआवजा मिलेगा. यही एक सुविधा सरकार दे सकती है.” उनका कहना है कि विस्थापन के लिए ऐसी सरकारी जमीन का उपयोग किया जाना चाहिए जो अच्छी जगह पर हो.

भ्रष्टाचार के आरोपों पर पलटवार
जब स्थानीय भाजपा नेताओं के द्वारा ठोकर बांध निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोपों पर सवाल किया गया, तो विधायक ने पलटवार करते हुए कहा कि यह भाजपा नेताओं का दायित्व था कि वे संबंधित विभाग में जाकर इसकी जांच करवाते. उन्होंने वित्त मंत्री विजय चौधरी को “बहुत ईमानदार और ताकतवर मंत्री” बताते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को उनसे मिलकर इस मामले में हस्तक्षेप करवाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि जब काम हो रहा था तो विजय चौधरी बरिसवन गांव आए थे, तब उन्हें जवइनिया लेकर आना चाहिए था.

कटाव का मुख्य कारण
कटाव के मुख्य कारण के बारे में पूछे जाने पर विधायक ने बताया कि जवइनिया गांव गंगा नदी के किनारे स्थित है, और इंजीनियरों के अनुसार, नदियां हर 20-30 साल में अपना रास्ता बदलती हैं. उन्होंने कहा कि जब 1980 के दशक में बांध बना, तो गांव गंगा के किनारे था, लेकिन बांध बनने के बाद गांव तकनीकी रूप से गंगा नदी के अंदर चला गया है. उन्होंने कहा कि यह पूरा क्षेत्र गंगा का ही हिस्सा है, और कटाव नौरंगा से शुरू होकर जवइनिया तक आया है, और आगे कहां जाएगा, यह कोई नहीं जानता.

जिला प्रशासन के राहत कार्य और अपेक्षाएं
जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों पर विधायक ने कहा कि प्रशासन को “दिग्भ्रमित” किया जा रहा है. उन्होंने जोर दिया कि जिला प्रशासन को पानी के प्रवाह का पहले से अनुमान लगाकर तैयारी करनी चाहिए थी, खासकर तब जब जवइनिया गांव पहले से ही कटाव के दायरे में था. उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी ने बाढ़ आने से पहले जांच भी की थी, लेकिन पानी इतनी तेजी से आया कि किसी को अनुमान नहीं था, जिससे ज्यादा क्षति हुई.

विधायक ने जिला प्रशासन से और बेहतर काम करने की अपेक्षा व्यक्त की. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान गिरे हैं, उनका तुरंत नॉकडाउन होना चाहिए. उन्होंने बताया कि पहले कई लोगों को यह जानकारी नहीं थी कि सरकार द्वारा भाड़ा भी दिया जा रहा है, जिसकी जानकारी उनके कार्यकर्ताओं ने लोगों तक पहुंचाई.

कुछ लोगों ने शिकायत की है कि उन्हें जहां जमीन मिली है, वहां भी पानी लगता है? इस पर विधायक ने कहा कि पूरे दियारा में पानी लगता है, और उन्हें मिली जगह मौजूदा स्थिति से बेहतर है. उन्होंने कहा कि अगर 29 लोग जिन्हें पर्चा मिला है, वे लिखित में आवेदन देते हैं कि उन्हें मिली हुई जगह ठीक नहीं है और उन्हें दूसरी जगह चाहिए, तो वे इसके लिए व्यवस्था करेंगे और जिलाधिकारी से अनुरोध करेंगे. उनका मानना है कि मिट्टी भरकर ही मकान बनाना होगा, क्योंकि कोई भी जमीन पूरी तरह से पानी से मुक्त नहीं होगी, खासकर दियारा क्षेत्र में.

“सैलून में बैठे रहने” के आरोप पर विधायक का पलटवार
“पटना सैलून में बैठे रहने और राजनीति करने” का आरोप पर विधायक राहुल तिवारी ने इसे “बेकार बात” और “हल्की बात” कहकर खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, “सैलून में बैठे रहते तो जनता हमको विधायक चुन लेती?” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका पेशा राजनीति नहीं है, बल्कि वे व्यापार करते हैं, और राजनीति में वे सेवा करने आए हैं.

उन्होंने विपक्षी नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें अपने प्रधानमंत्री के करीबी सांसद से पूछना चाहिए कि 10 साल मंत्री रहने के बाद उन्होंने क्या किया. विधायक ने कहा कि केवल डिप्टी सीएम के पास टिकट मांगने जाने के बजाय, उन्हें जवइनिया गांव में रहकर लोगों का कष्ट देखना चाहिए था. उन्होंने क्षेत्र के भाजपा नेता के मामा के गांव होने का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हे मामा के गांव पर विशेष ध्यान देना चाहिए, “टिकट बाद की चीज है.”

अवैध बालू खनन पर विधायक की कार्रवाई
विधायक राहुल तिवारी ने जवइनिया में हो रहे सफेद बालू के अवैध खनन पर अपनी पहल का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें इस अवैध खनन का पता चला, उन्होंने तुरंत इसे बंद करवा दिया. यह काम इतना मुश्किल था कि वीडियो निकालना भी आसान नहीं था, लेकिन किसी तरह एक लड़के को भेजकर वीडियो सबूत जुटाए.

उन्होंने बताया कि उन्होंने बहोरनपुर थाने से बात की कि वे किस अधिकार से बालू ले जाने दे रहे हैं. थाने ने बताया कि उन्हें खनन विभाग से एक पेपर मिला है. विधायक ने इस पर सवाल उठाया कि जब नियम यह है कि गंगा बेल्ट को 3 फीट से ज्यादा नहीं खोदा जा सकता, तो पोकलेन मशीन का इस्तेमाल कैसे हो रहा था. उन्होंने कहा कि खनन विभाग से मिलकर एक गलत पेपर तैयार किया गया था और उसे थाने में दिया गया था, जिसके माध्यम से बालू निकाला जा रहा था. जिलाधिकारी को भी इसकी जानकारी नहीं थी.

विधायक ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी से बात की, जिसके बाद जांच में यह गलत पाया गया और खनन कार्य बंद हो गया. उन्होंने जोर दिया कि उन्होंने अपने कर्तव्य से कभी समझौता नहीं किया और अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह निभाया. उन्होंने खनन विभाग को कहीं न कहीं दोषी ठहराया और कहा कि यह जांच का विषय है, लेकिन उन्होंने इसे बंद करवा दिया.

2025 चुनाव और जवइनिया की राजनीति
जब पूछा गया कि क्या 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए जवइनिया गांव कटाव पर राजनीति हो रही है और उन्हें निशाना बनाया जा रहा है? तो विधायक ने कहा की अभी सभी लोग मिलकर काम करें तो इससे ताकत बढ़ेगी.

उन्होंने लंगर चलाने जैसी बातों पर राजनीति न करने की अपील की और कहा कि यह मुखिया और वार्ड का साधारण काम है, जिसके लिए वे सक्षम हैं. उन्होंने कहा कि नेताओं को सरकार व जिला प्रशासन पर दबाव बनाना चाहिए ताकि कमी पूरी हो और जरूरतमंदों को ज्यादा मदद मिले, न कि लंगर कहां चलेगा, इस पर राजनीति हो.

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